दूरसंचार विभाग (DoT), भारत सरकार ने 20 मार्च से 17 अप्रैल 2026 तक '5G इनोवेशन हैकाथॉन 2026' शुरू किया, जिसमें स्वदेशी 5G समाधानों के लिए 50 लाख रुपये की आरंभिक वित्तीय सहायता और 10 लाख रुपये से अधिक के पुरस्कार हैं।

इस हैकाथॉन में तीन प्राथमिकता क्षेत्रों में भारतीय नवोन्मेषकों, स्टार्टअप और संस्थानों से 5G आधारित उपयोग-क्षेत्र विकसित करने के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं: (1) स्वास्थ्य सेवा — टेलीमेडिसिन, दूरस्थ निदान, स्मार्ट अस्पताल प्रबंधन; (2) कृषि — सटीक खेती, फसल निगरानी, स्मार्ट सिंचाई; और (3) आपदा प्रबंधन — प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, आपातकालीन संचार।

यह पहल भारत को केवल 5G अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी निर्यातक बनाने की दिशा में है। भारत ने अक्टूबर 2022 में 5G सेवाएं शुरू कीं और 2026 की शुरुआत तक 700 से अधिक जिलों में कवरेज है।

राजस्थान से संबंध: राजस्थान की बड़ी ग्रामीण जनसंख्या और शुष्क कृषि में सटीक सिंचाई (बाड़मेर में ड्रिप सिंचाई, नागौर में स्प्रिंकलर) 5G आधारित स्मार्ट कृषि समाधानों को विशेष रूप से प्रासंगिक बनाते हैं। राज्य का विशाल मरुस्थलीय क्षेत्र आपदा प्रबंधन के लिए 5G-सक्षम उपकरणों की मांग भी उत्पन्न करता है।