राजस्थान के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम के साथ राजस्थान कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग (AI-ML) नीति 2026 की आधिकारिक शुरुआत की। राज्य में पहले से उपलब्ध सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था, संपर्क परियोजनाओं और कुशल इंजीनियरों का उपयोग करके राजस्थान को भारत के प्रमुख AI केंद्रों में शामिल करना इस नीति का लक्ष्य है।

नीति के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में AI के व्यावहारिक उपयोग विकसित करने, अनुसंधान और उद्योग के साथ सहयोग बढ़ाने तथा उत्तरदायी AI और उससे जुड़े नीतिगत ढाँचे तैयार करने के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में AI से संचालित टेक्नो हब भी स्थापित किए जाएंगे। ये AI स्टार्टअप और उद्यमों के लिए इनक्यूबेशन तथा नवाचार केंद्र के रूप में काम करेंगे।

सरकारी सेवाओं में AI का उपयोग नीति का एक प्रमुख हिस्सा है। राज्य स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और राजस्व प्रशासन विभागों में AI उपकरण इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। इनका उद्देश्य कामकाज बेहतर बनाना, भ्रष्टाचार घटाना और नागरिकों का अनुभव सुधारना है। फ़सल संबंधी सलाह और रोग निगरानी के लिए आँकड़ों का विश्लेषण करके पहले ही अनुमान लगाया जाएगा।

यह नीति केंद्र सरकार के भारत AI शासन दिशा-निर्देश 2026 और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा घोषित सात सूत्र ढाँचे की पूरक है। इससे राज्य की नीति राष्ट्रीय AI व्यवस्था के अनुरूप होगी। इसके साथ शुरू किए गए राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम का लक्ष्य तीन वर्षों में 1 लाख युवाओं को AI और मशीन लर्निंग कौशल का प्रशिक्षण देना है।