भारत ने 2035 के लिए अपने संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) प्रस्तुत किए। यह 2030 के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल करने की उपलब्धि पर आधारित था। भारत के NDC लक्ष्यों में 2005 के स्तर की तुलना में उत्सर्जन तीव्रता में 45% कमी, गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता को 50% तक पहुँचाना और 2.5-3 अरब टन CO2 का कार्बन सिंक बनाना शामिल है। गैर-जीवाश्म क्षमता जून 2025 में 50% को पार कर गई, और नवीकरणीय ऊर्जा ने जुलाई 2025 में पहली बार दैनिक बिजली उत्पादन में 51.5% हिस्सेदारी हासिल की।

हालाँकि चुनौतियाँ बनी हुई हैं: भारत का कुल उत्सर्जन बढ़ रहा है, कोयले पर निर्भरता जारी है, और ऊर्जा संक्रमण के लिए अनुमानित $62 अरब वार्षिक निवेश की आवश्यकता है।