3 सितंबर 2025 को हुई 56वीं GST परिषद बैठक के बाद अगली पीढ़ी के GST 2.0 सुधार 22 सितंबर 2025 से लागू हुए। इन सुधारों में कर स्लैब को चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) से घटाकर मुख्य रूप से दो स्लैब 5% और 18% तक सरल किया गया। अहितकर और विलासिता वस्तुओं के लिए 28% की जगह नया 40% स्लैब लागू किया गया।

सुधारों के तहत 12% स्लैब की 99% वस्तुएं 5% में आईं और 28% स्लैब की 90% वस्तुएं 18% में आईं। टूथपेस्ट, प्रेशर कुकर, साइकिल और छोटी वाशिंग मशीन जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं 5% में आईं। SBI रिसर्च ने ₹70,000 करोड़ के सीधे उपभोग प्रोत्साहन और गुणक प्रभाव के साथ कुल मांग पर ₹1.98 लाख करोड़ के असर का अनुमान लगाया।