नीति आयोग ने मार्च 2026 में राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 का दूसरा वार्षिक संस्करण जारी किया, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भारतीय राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। यह सूचकांक मुख्य रूप से भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से प्राप्त लेखापरीक्षित आंकड़ों के आधार पर कई राजकोषीय आयामों में राज्यों की तुलनात्मक रैंकिंग और अंक देता है। FHI 2026 में 18 प्रमुख राज्यों और 10 पूर्वोत्तर तथा हिमालयी राज्यों का पाँच महत्वपूर्ण स्तंभों पर मूल्यांकन किया गया है: व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता। प्रमुख राज्यों में ओडिशा लगातार दूसरे वर्ष सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा। इसका श्रेय 3% FRBM मानदंड के भीतर रखे गए राजकोषीय घाटे, खनन से जुड़े मजबूत गैर-कर राजस्व और GSDP के लगभग 4-5% पूंजी व्यय को जाता है। अरुणाचल प्रदेश ने पूर्वोत्तर और हिमालयी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरी ओर, पंजाब और केरल आकांक्षी श्रेणी में बने हुए हैं और गंभीर राजकोषीय तनाव का सामना कर रहे हैं। पंजाब का प्रतिबद्ध व्यय 2023-24 में राजस्व प्राप्तियों का 80% तक पहुँच गया, जिससे विवेकाधीन खर्च गंभीर रूप से सीमित हो गया। केरल भी उच्च ऋण और ब्याज प्रतिबद्धताओं का सामना कर रहा है। सूचकांक में जिन नीतिगत प्राथमिकताओं पर जोर दिया गया है, उनमें राजस्व संग्रहण को मजबूत करना, प्रतिबद्ध व्यय को तर्कसंगत बनाना, पूंजीगत व्यय की गुणवत्ता में सुधार करना और मध्यम अवधि की राजकोषीय योजना को बेहतर बनाना शामिल है। FHI इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धी राजकोषीय संघवाद को प्रोत्साहित करता है और उन राज्यों की पहचान करने में उपयोगी साधन है जिन्हें केंद्र से राजकोषीय समेकन सहायता की आवश्यकता है। सूचकांक में राजस्थान का प्रदर्शन विकास व्यय और राजकोषीय विवेक के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को दर्शाता है।
नीति आयोग ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 जारी किया: ओडिशा शीर्ष पर, पंजाब सबसे नीचे
नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में ओडिशा प्रमुख राज्यों में और अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में शीर्ष पर रहा। पंजाब और केरल आकांक्षी (निम्न) श्रेणी में रहे। सूचकांक 5 राजकोषीय स्तंभों के लिए CAG डेटा का उपयोग करता है।
मुख्य तथ्य
- नीति आयोग ने मार्च 2026 में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 जारी किया
- ओडिशा लगातार दूसरे वर्ष प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर
- अरुणाचल प्रदेश उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों में शीर्ष पर
- पंजाब और केरल आकांक्षी (निम्न) श्रेणी में — पंजाब का प्रतिबद्ध व्यय = राजस्व का 80%
- पाँच स्तंभ: व्यय गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक, ऋण स्थिरता
- CAG द्वारा लेखापरीक्षित डेटा का उपयोग; 18 प्रमुख राज्य + 10 पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 का प्रतिस्पर्धी राजकोषीय संघवाद के उपकरण के रूप में विश्लेषण कीजिए, ओडिशा के प्रदर्शन की पंजाब से तुलना कर राज्य राजकोषीय समेकन की नीतिगत प्राथमिकताओं को रेखांकित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
नीति आयोग ने मार्च में राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 जारी किया। यह CAG-लेखा-परीक्षित 2023-24 आंकड़ों के आधार पर 18 प्रमुख और 10 पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों को पांच स्तंभों—व्यय गुणवत्ता, राजस्व जुटाव, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक, ऋण स्थिरता—पर परखता है। ओडिशा प्रमुख राज्यों में लगातार दूसरे वर्ष शीर्ष पर रहा; अरुणाचल पूर्वोत्तर में अग्रणी रहा; पंजाब-केरल निचले पायदान पर रहे।
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नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 में प्रमुख भारतीय राज्यों में लगातार दूसरे वर्ष कौन सा राज्य शीर्ष पर रहा?
ओडिशा ने नीति आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में लगातार दूसरे वर्ष प्रमुख राज्यों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। ओडिशा का यह प्रदर्शन FRBM मानक के भीतर राजकोषीय घाटे, खनन से जुड़े मजबूत गैर-कर राजस्व और GSDP के लगभग 4-5% पूंजीगत व्यय के बल पर रहा।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 क्या है?
यह नीति आयोग द्वारा जारी एक नैदानिक उपकरण है, जो CAG द्वारा लेखापरीक्षित डेटा के आधार पर पाँच स्तंभों पर वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारतीय राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का आकलन करता है।
FHI 2026 में प्रमुख राज्यों में कौन सा राज्य शीर्ष पर रहा?
ओडिशा लगातार दूसरे वर्ष FHI 2026 में प्रमुख राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पर रहा।
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक के पाँच स्तंभ क्या हैं?
पाँच स्तंभ हैं: व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता।
FHI 2026 में पंजाब आकांक्षी श्रेणी में क्यों है?
2023-24 में पंजाब का प्रतिबद्ध व्यय राजस्व प्राप्तियों का 80% था, जिससे विवेकाधीन व्यय गंभीर रूप से सीमित हो गया।
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक किस डेटा स्रोत का उपयोग करता है?
FHI मुख्य रूप से भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) के लेखापरीक्षित डेटा का उपयोग करता है।
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