नीति आयोग ने 11 मार्च 2026 को अपने वार्षिक राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) का दूसरा संस्करण जारी किया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 28 राज्यों का मूल्यांकन किया गया। यह सूचकांक CAG (भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक) के आंकड़ों पर आधारित है और राज्यों को पाँच स्तंभों पर परखता है: राजकोषीय विवेक, राजस्व संग्रह, व्यय की गुणवत्ता, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता।

18 प्रमुख राज्यों में ओडिशा ने पहला स्थान बरकरार रखा। गोवा और झारखंड अगले दो शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य रहे। 10 विशेष श्रेणी राज्यों (उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी) में अरुणाचल प्रदेश शीर्ष पर रहा, उसके बाद उत्तराखंड और त्रिपुरा रहे।

राजस्थान के लिए व्यय गुणवत्ता स्तंभ में सुधार दर्ज किया गया — राज्य का पूंजी व्यय-राजस्व व्यय अनुपात बेहतर हुआ, जो उत्पादक परिसंपत्तियों में अधिक निवेश को दर्शाता है। हालाँकि, राजस्व संग्रह और ऋण स्थिरता में चुनौतियाँ बनी रहीं।

यह सूचकांक कमियों की पहचान और राज्यों की तुलना के उपकरण के रूप में काम करता है, जिससे राज्यों को राजकोषीय अंतराल पहचानने और अच्छी पद्धतियाँ अपनाने में मदद मिलती है। नीति आयोग का लक्ष्य इसे हर साल जारी करना और सहकारी संघवाद को मजबूत करना है।