NITI आयोग ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 का दूसरा वार्षिक संस्करण जारी किया, जिसमें 18 प्रमुख राज्यों और 10 उत्तर-पूर्वी व हिमालयी राज्यों के वित्त वर्ष 2023-24 के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। सूचकांक में CAG के ऑडिट किए गए डेटा का उपयोग किया गया है। ओडिशा लगातार दूसरे वर्ष प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर रहा। राजस्थान 18 प्रमुख राज्यों में 14वें स्थान पर रहा, जिससे उसकी बड़ी राजकोषीय चुनौतियाँ स्पष्ट होती हैं। व्यय की गुणवत्ता में राजस्थान ने Performer से Front Runner श्रेणी में सुधार किया, लेकिन उच्च ऋण स्तर और सीमित राजस्व संग्रह के कारण समग्र राजकोषीय स्वास्थ्य कमज़ोर बना हुआ है। FHI 2026 पाँच स्तंभों पर राज्यों का मूल्यांकन करता है: (1) व्यय की गुणवत्ता, (2) राजस्व संग्रह, (3) राजकोषीय विवेक, (4) ऋण सूचकांक, और (5) ऋण स्थिरता। 10-वर्षीय प्रवृत्ति विश्लेषण (2014-15 से 2023-24) से कई बड़े राज्यों में लगातार राजकोषीय तनाव का पता चलता है।
NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026: ओडिशा शीर्ष पर, राजस्थान प्रमुख राज्यों में निचले स्तर पर
NITI आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में ओडिशा प्रमुख राज्यों में पहले स्थान पर रहा; उच्च ऋण और कमज़ोर राजस्व संग्रह के कारण राजस्थान निचले स्थान पर रहा।
मुख्य तथ्य
- NITI आयोग ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 जारी किया — दूसरा वार्षिक संस्करण
- FY 2023-24 के लिए 28 प्रमुख राज्यों और 10 उत्तर-पूर्वी तथा हिमालयी राज्यों का मूल्यांकन
- तुलनीय रैंकिंग के लिए CAG ऑडिट डेटा का उपयोग
- ओडिशा लगातार दूसरे वर्ष प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर
- राजस्थान प्रमुख राज्यों में अंतिम से दूसरे स्थान पर
- राजस्थान ने व्यय की गुणवत्ता में सुधार किया, लेकिन कुल मिलाकर राजकोषीय स्थिति कमज़ोर रही
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2021 योजना आयोग और NITI आयोग के कार्यों में अंतर कीजिए तथा भारतीय संघवाद पर उसके प्रभाव की विवेचना कीजिए। — यह प्रश्न नीति आयोग के कामकाज और संघवाद पर प्रभाव से संबंधित है, जो राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाले नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक से सीधे जुड़ा है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नीति आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 के निष्कर्षों का विशेषकर प्रमुख राज्यों में राजस्थान की निचली रैंकिंग और राजकोषीय संघवाद पर इसके प्रभावों के संदर्भ में समीक्षात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ओडिशा को प्रथम और राजस्थान को 18 प्रमुख राज्यों में 14वें स्थान पर रखा। यह सूचकांक व्यय गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण संवहनीयता जैसे पांच स्तंभों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के आंकड़ों पर आधारित है। राजस्थान ने व्यय गुणवत्ता में सुधार किया, किंतु उच्च ऋण एवं कमजोर राजस्व संग्रहण चुनौतियां बनी हुई हैं।
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NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में लगातार दूसरे वर्ष प्रमुख राज्यों में कौन-सा राज्य शीर्ष पर रहा?
ओडिशा NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में लगातार दूसरे वर्ष प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर रहा। यह सूचकांक FY 2023-24 को शामिल करता है और CAG ऑडिट डेटा का उपयोग करता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 क्या है?
यह इस सूचकांक का दूसरा वार्षिक संस्करण है; इसमें CAG ऑडिट डेटा का उपयोग करके FY 2023-24 के लिए भारतीय राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है।
FHI 2026 में कौन-सा राज्य शीर्ष पर रहा?
ओडिशा, लगातार दूसरे वर्ष।
FHI 2026 में राजस्थान का स्थान क्या रहा?
प्रमुख राज्यों में अंतिम से दूसरे स्थान पर, उच्च ऋण और कमज़ोर राजस्व संग्रह के कारण, हालाँकि व्यय की गुणवत्ता में सुधार हुआ।
FHI के पाँच स्तंभ कौन-से हैं?
व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रह, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता।
FHI 2026 किस डेटा स्रोत पर आधारित है?
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के ऑडिट किए गए डेटा पर।
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