NITI आयोग ने मार्च 2026 में राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 का दूसरा संस्करण जारी किया, जिसमें वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारतीय राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। यह सूचकांक NITI आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और CEO निधि छिब्बर ने नई दिल्ली में जारी किया। FHI 2026 पांच स्तंभों पर आधारित है: व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता। इन स्तंभों का मूल्यांकन भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से मिले आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। एक अहम बदलाव यह रहा कि राजस्थान को गुजरात और आंध्र प्रदेश के साथ परफॉर्मर श्रेणी से ऊपर उठाकर फ्रंट रनर श्रेणी में पहुंचाया गया। यह सुधार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के बेहतर राजकोषीय अनुशासन और राजस्व संग्रहण का संकेत देता है। दूसरे संस्करण में पहले संस्करण के 18 सामान्य श्रेणी के राज्यों के अलावा 10 पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों को भी शामिल कर इसका दायरा बढ़ाया गया है। FHI सहकारी संघवाद के लिए एक अहम उपकरण है और उम्मीद है कि वित्त आयोग तथा केंद्रीय मंत्रालय आवंटन से जुड़े फैसलों में इसका इस्तेमाल करेंगे। राजस्थान के लिए यह सुधार राजस्व घाटे में कमी, बेहतर पूंजीगत व्यय गुणवत्ता और बेहतर ऋण प्रबंधन को दर्शाता है।
NITI आयोग का राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026: राजस्थान परफॉर्मर श्रेणी में
NITI आयोग ने CAG डेटा के आधार पर 5 स्तंभों पर राज्य की राजकोषीय स्थिति का मूल्यांकन कर राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 जारी किया; राजस्थान परफॉर्मर श्रेणी में रहा।
मुख्य तथ्य
- FHI 2026, वित्त वर्ष 2023-24 में राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाला NITI आयोग का दूसरा वार्षिक संस्करण है
- पांच स्तंभ: व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक, ऋण स्थिरता
- भारत के CAG से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित, जिससे इसकी विश्वसनीयता मजबूत होती है
- राजस्थान, गुजरात और आंध्र प्रदेश के साथ परफॉर्मर से फ्रंट रनर श्रेणी में पहुंचा
- विस्तारित दायरा: 28 राज्य शामिल (18 सामान्य + 10 पूर्वोत्तर/हिमालयी)
- NITI आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और CEO निधि छिब्बर द्वारा जारी
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2021 योजना आयोग और NITI आयोग के कार्यों में अंतर कीजिए तथा भारतीय संघवाद पर उसके प्रभाव की विवेचना कीजिए। — यह प्रश्न भारतीय संघवाद में नीति आयोग की भूमिका पूछता है; लेख में नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक की सहकारी संघवाद हेतु उपयोगिता की चर्चा है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में राजस्थान के फ्रंट रनर श्रेणी में उन्नयन और राज्य की राजकोषीय शासन व्यवस्था पर इसके प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
नीति आयोग का राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के आँकड़ों पर आधारित पाँच स्तंभों से राज्यों का मूल्यांकन करता है: व्यय गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण संवहनीयता। राजस्थान गुजरात और आंध्र प्रदेश के साथ परफॉर्मर से फ्रंट रनर श्रेणी में आया, जो बेहतर पूँजीगत व्यय, घटे राजस्व घाटे और सहकारी संघवाद में सुदृढ़ ऋण प्रबंधन को दर्शाता है।
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NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में राजस्थान को किस श्रेणी में रखा गया?
नीति आयोग के राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 में राजस्थान की समग्र श्रेणी बड़े राज्यों के बीच परफॉर्मर है। इसी श्रेणी में मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार और तमिलनाडु भी रखे गए हैं। अलग से, व्यय की गुणवत्ता वाले स्तंभ पर रिपोर्ट बताती है कि राजस्थान परफॉर्मर से फ्रंट रनर तक पहुँचा। परन्तु यह स्तंभ-स्तर का सुधार है, राज्य की समग्र श्रेणी नहीं; समग्र वर्गीकरण अब भी परफॉर्मर ही है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 कितने स्तंभों पर आधारित है?
पांच स्तंभ: व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता।
FHI 2026 के मूल्यांकन में आंकड़ों के किस स्रोत का उपयोग किया जाता है?
इसमें भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया जाता है।
FHI 2026 में राजस्थान की श्रेणी क्या थी?
FHI 2026 में राजस्थान परफॉर्मर श्रेणी में रहा।
FHI 2025 की तुलना में FHI 2026 में कितने राज्य शामिल हैं?
FHI 2026 में 28 राज्य (18 सामान्य + 10 पूर्वोत्तर/हिमालयी) शामिल हैं, जबकि पहले संस्करण में 18 राज्य थे।
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 किसने जारी किया?
इसे नई दिल्ली में NITI आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और CEO निधि छिब्बर ने जारी किया।
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