भारत की संसद ने 15 मार्च 2026 को विनियोग विधेयक 2026 पारित किया, जो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की समेकित निधि से ₹53.5 लाख करोड़ की निकासी को अधिकृत करता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोक सभा में यह विधेयक प्रस्तुत किया और राजकोषीय अनुशासन तथा पूंजीगत व्यय से प्रेरित वृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

विनियोग विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 114 के तहत एक संवैधानिक आवश्यकता है, जिसके अनुसार विधि द्वारा किए गए विनियोग के बिना समेकित निधि से कोई धन नहीं निकाला जा सकता। यह विधेयक केंद्रीय बजट में प्रस्तावित सभी व्ययों को, जिनमें प्रभारित व्यय और मतदत्त व्यय शामिल हैं, कानूनी मंजूरी प्रदान करता है।

विनियोग विधेयक 2026 की प्रमुख वित्तीय विशेषताओं में ₹12.20 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) आवंटन शामिल है, जो सड़क, रेलवे, रक्षा और शहरी विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

वित्त मंत्री ने ₹57,381 करोड़ के आर्थिक स्थिरीकरण कोष (ESF) की स्थापना का भी उल्लेख किया, जिसे वैश्विक आर्थिक झटकों, वस्तुओं की कीमतों में अस्थिरता और बाहरी मांग में व्यवधानों के विरुद्ध राजकोषीय सुरक्षा-कवच के रूप में काम करने के लिए बनाया गया है।

विनियोग विधेयक का पारित होना केंद्रीय बजट के लिए संवैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करता है और सरकारी विभागों को वित्त वर्ष 2025-26 के शेष समय के लिए समेकित निधि से धन निकालने में सक्षम बनाता है।