केरल व्यापक शहरी नीति को औपचारिक मंजूरी देने वाला भारत का पहला राज्य बना। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने 13 फरवरी 2026 को इसे मंजूरी दी। यह नीति शहरी योजना, आवास, परिवहन, जल आपूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन को एक ही ढांचे में जोड़ती है।

केरल की 47.7% आबादी शहरी है (जनगणना 2011), इसलिए उसके सामने अलग तरह की चुनौतियां हैं। नीति में सार्वजनिक परिवहन केंद्रित विकास, सभी नई परियोजनाओं में किफायती आवास का कोटा और विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन अनिवार्य किया गया है। जयपुर और जोधपुर जैसे तेजी से शहरीकृत हो रहे शहरों वाला राजस्थान भी ऐसे ढांचे से लाभ उठा सकता है।