16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट में राज्यों की केंद्रीय करों में 41% हिस्सेदारी बरकरार
Aसीधा उत्तर
16वें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए 41% कर हस्तांतरण बरकरार रखा; 2030-31 तक राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.5% रखा; और राजकोषीय मॉडल को अनुपालन पर आधारित ढांचे की ओर ले जाने की बात कही।
मुख्य तथ्य
डॉ. अरविंद पनगड़िया की अध्यक्षता वाले 16वें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रिपोर्ट में केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण की सिफारिशें शामिल हैं।
राज्यों की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी पर महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं।
वित्त आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित होता है।
15वें वित्त आयोग (2021-26) की अवधि समाप्त होने के बाद 16वें आयोग की सिफारिशें लागू होंगी।
डॉ. अरविंद पनगड़िया की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट के साथ संसद में पेश किया गया। सरकार ने केंद्रीय करों में राज्यों की 41% हिस्सेदारी बनाए रखने की इसकी प्रमुख सिफारिश स्वीकार की।
आयोग ने सिफारिश की कि केंद्र 2030-31 तक राजकोषीय घाटा GDP के 3.5% तक कम करे, जबकि राज्यों को GSDP के 3% की सीमा बनाए रखनी चाहिए। यह पात्रता के आधार पर हस्तांतरण की व्यवस्था से अनुपालन पर आधारित राजकोषीय मॉडल की ओर बदलाव को दर्शाता है। रिपोर्ट में ऑफ-बजट उधारी पर सख्त प्रतिबंध लगाने और राज्यों में बिजली डिस्कॉम के निजीकरण की सिफारिश की गई है। संयुक्त केंद्र और राज्य ऋण 2030-31 तक GDP के 77.3% से 73.1% तक घटने का अनुमान है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2023 राजस्थान के छठे राज्य वित्त आयोग की प्रमुख सिफारिशों का वर्णन कीजिए। — राजस्थान का छठा राज्य वित्त आयोग — 16वें केंद्रीय FC के विषयों के सीधे समानांतर।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सोलहवें वित्त आयोग की कर हस्तांतरण, राजकोषीय घाटा एवं अनुपालन पर आधारित राजकोषीय मॉडल पर सिफारिशों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।
उत्तर (50 शब्द): अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाले सोलहवें वित्त आयोग की रिपोर्ट (अनुदान अवधि 2026-27 से 2030-31) फरवरी 2026 बजट के साथ प्रस्तुत हुई। इसमें राज्यों की 41% कर हिस्सेदारी बरकरार है, केंद्र का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.5% एवं राज्यों का जीएसडीपी का 3% लक्ष्य रखा गया, बजट-बाह्य उधारी रोकते हुए विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने की सिफारिश की गई।
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16वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी पर क्या सिफारिश की?
**16वें वित्त आयोग** ने, जिसके अध्यक्ष **डॉ. अरविंद पनगड़िया** हैं, **2026-27 से 2030-31** के लिए केंद्रीय करों में राज्यों की **41% हिस्सेदारी** बरकरार रखने की सिफारिश की, जिसे सरकार ने स्वीकार किया।
16वें वित्त आयोग ने केंद्र और राज्यों के राजकोषीय घाटे के क्या लक्ष्य निर्धारित किए हैं?
16वें वित्त आयोग ने सिफारिश की कि केंद्र **2030-31 तक राजकोषीय घाटा GDP के 3.5%** तक लाए और राज्य **GSDP के 3% की सीमा** बनाए रखें।
16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट राजकोषीय सोच में किस बदलाव की ओर संकेत करती है?
16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट **‘पात्रता-आधारित हस्तांतरण’ से ‘अनुपालन-संचालित राजकोषीय मॉडल’** की ओर बदलाव को रेखांकित करती है।
16वें वित्त आयोग के अनुसार 2030-31 तक भारत का संयुक्त केंद्र-राज्य ऋण कितना घटेगा?
**संयुक्त केंद्र-राज्य ऋण** 2030-31 तक GDP के **77.3% से 73.1%** तक घटने का अनुमान है।
16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन हैं और इसकी सिफारिशें किस अवधि के लिए हैं?
**16वें वित्त आयोग** के अध्यक्ष **डॉ. अरविंद पनगड़िया** हैं। इसकी अनुशंसा अवधि **2026-27 से 2030-31** तक है। रिपोर्ट **1 फरवरी 2026** को संसद में पेश की गई।
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