सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक 2025 को संसद ने 17 दिसंबर 2025 को पारित किया। इसके तहत बीमा कंपनियों में 100% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई। अलग से, डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत के परिवर्तन के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत दोहन और उन्नयन (शांति) विधेयक 2025 को 15 दिसंबर 2025 को संसद में पेश किया। लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा ने इसे 18 दिसंबर 2025 को पारित किया। 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह शांति अधिनियम बना। अधिनियम के तहत केंद्र सरकार के लाइसेंस और सुरक्षा अनुमति के साथ निजी क्षेत्र परमाणु सुविधाएँ स्थापित करने और परमाणु गतिविधियों में भाग लेने में सक्षम है। भारत के परमाणु ऊर्जा रोडमैप में 2047 तक 100 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जो 2070 तक कार्बन उत्सर्जन घटाने के लक्ष्य के अनुरूप है।
मंत्रिमंडल ने बीमा में 100% FDI और SHANTI विधेयक के तहत निजी क्षेत्र के लिए परमाणु क्षेत्र खोलने की मंजूरी दी
मंत्रिमंडल ने बीमा में 100% FDI और 49% FDI के साथ परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने वाले SHANTI विधेयक को मंजूरी दी; 2047 तक 100 GW।
मुख्य तथ्य
- संसद ने सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक 2025 को 17 दिसंबर 2025 को पारित किया, जिससे बीमा कंपनियों में 100% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति मिली
- शांति विधेयक 15 दिसंबर 2025 को संसद में पेश हुआ, लोकसभा से पारित होने के बाद 18 दिसंबर को राज्यसभा से पारित हुआ और 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर अधिनियम बना
- शांति अधिनियम केंद्र सरकार के लाइसेंस और सुरक्षा अनुमति के तहत परमाणु सुविधाएँ स्थापित करने और परमाणु गतिविधियाँ चलाने में निजी भागीदारी की अनुमति देता है
- भारत के परमाणु ऊर्जा रोडमैप में 2047 तक 100 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है
- 2047 का परमाणु क्षमता लक्ष्य भारत के 2070 तक कार्बन उत्सर्जन घटाने के लक्ष्य के अनुरूप है
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के विकास हेतु सरकार का भविष्योन्मुखी रोडमैप क्या है? — दोनों भारत की परमाणु ऊर्जा नीति एवं निजी भागीदारी के ढाँचे से संबंधित हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और भारत के परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने वाले शांति विधेयक के निहितार्थों का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द): 13 दिसंबर 2025 को मंत्रिमंडल ने बीमा कानून संशोधन विधेयक मंजूर किया, जिससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 74 से बढ़कर 100 प्रतिशत होगा। साथ ही शांति विधेयक परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए 49 प्रतिशत एफडीआई के साथ खोलता है। ये सुधार लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों को बढ़ावा देकर 2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य रखते हैं।
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शांति विधेयक 2025 किस कानून का स्थान लेता है?
SHANTI विधेयक 2025 परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और नागरिक देयता परमाणु क्षति अधिनियम, 2010 दोनों का स्थान लेता है, निजी क्षेत्र को परमाणु ऊर्जा में भागीदारी की अनुमति देता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बीमा संशोधन और शांति कानून का संसदीय कालक्रम क्या रहा?
संसद ने सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक 2025 को 17 दिसंबर 2025 को पारित किया। शांति विधेयक 15 दिसंबर को पेश हुआ, लोकसभा से पारित होने के बाद 18 दिसंबर को राज्यसभा से पारित हुआ और 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर अधिनियम बना।
बीमा कानून संशोधन से बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा कैसे बदली?
बीमा कानून संशोधन के तहत बीमा कंपनियों में 100% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है।
शांति अधिनियम भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में क्या नीतिगत बदलाव करता है?
शांति अधिनियम केंद्र सरकार के लाइसेंस और सुरक्षा अनुमति के तहत परमाणु सुविधाएँ स्थापित करने और परमाणु गतिविधियाँ चलाने में निजी भागीदारी की अनुमति देता है।
भारत के कार्बन उत्सर्जन घटाने के लक्ष्य से परमाणु क्षमता का कौन-सा लक्ष्य जुड़ा है?
भारत के परमाणु ऊर्जा रोडमैप में 2047 तक 100 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जो 2070 तक कार्बन उत्सर्जन घटाने के लक्ष्य के अनुरूप है।
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