प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 दिसंबर 2025 को दो ऐतिहासिक सुधारों को मंजूरी दी। पहला, बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 बीमा में FDI सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रावधान करता है।

दूसरा, मंत्रिमंडल ने भारत के परिवर्तन के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत दोहन और उन्नयन (SHANTI) विधेयक — परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025 को मंजूरी दी। यह भारत के कड़े विनियमन वाले परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने, 49% FDI की अनुमति देने और लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) विकास को संभव बनाने वाला प्रमुख नीतिगत बदलाव है। भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता जोड़ना है।