प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 मई 2026 को आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी, ताकि अल्पकालिक नकदी दबाव झेल रही भारतीय विमानन कंपनियों को लक्षित ऋण सहायता मिल सके। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि विमानन कंपनियां विमान ईंधन कीमतों में तेज वृद्धि, हवाई क्षेत्र बंद होने, अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर कम परिचालन, विमानों के कम उपयोग और पश्चिम एशिया की व्यापक स्थिति से प्रभावित हुई हैं। यह योजना 2,55,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण प्रवाह दायरे के भीतर है, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये विशेष रूप से विमानन कंपनियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह योजना सदस्य ऋणदाता संस्थानों से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए 100 प्रतिशत तथा गैर-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और विमानन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज देगी, जिसमें राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी पात्र अतिरिक्त ऋण सुविधाओं में चूक की राशि की भरपाई करेगी। विमानन कंपनियों के लिए संरचना में प्रति उधारकर्ता 1,000 करोड़ रुपये की अधिकतम ऋण सीमा तथा उधारकर्ता द्वारा बराबर इक्विटी लाने पर अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये शामिल हैं। ऋण अवधि सात वर्ष तक हो सकती है, जिसमें दो वर्ष की पुनर्भुगतान मोहलत शामिल है, और तत्काल नकदी दबाव कम करने के लिए ब्याज के 50 प्रतिशत तक को वित्तपोषित ब्याज सावधि ऋण में बदला जा सकता है। योजना वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण की अनुमति भी देती है, जिसकी सीमा 100 करोड़ रुपये है, जबकि विमानन कंपनियों को निर्दिष्ट शर्तों के अधीन प्रति उधारकर्ता 1,500 करोड़ रुपये तक की सीमा में 100 प्रतिशत तक सहायता मिल सकती है। राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी के दिशा-निर्देश जारी होने की तारीख से 31 मार्च 2027 तक स्वीकृत ऋण पात्र होंगे। मंत्रालय ने कहा कि संप्रभु गारंटी से समर्थित यह व्यवस्था ऋणदाताओं का विश्वास मजबूत करने, रोजगार और संपर्क बनाए रखने, विमानन क्षेत्र की क्षमता सुरक्षित रखने और यात्रियों पर बढ़ी लागत का बोझ कम डालने में सहायक होगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी; नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि 5,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा पश्चिम एशिया से जुड़ी लागत और नकदी दबाव झेल रही विमानन कंपनियों को सहारा देगी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी, जिसमें 2,55,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण प्रवाह में से 5,000 करोड़ रुपये विमानन कंपनियों के लिए निर्धारित हैं। यह योजना विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि, हवाई क्षेत्र बंद होने और पश्चिम एशिया से जुड़े परिचालन दबावों से निपटने के लिए है। इसमें नकदी और संपर्क बचाने के लिए संप्रभु गारंटी, लंबी अवधि, मोहलत और ब्याज को बदलने से जुड़ी राहत शामिल है।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 मई 2026 को भारतीय विमानन कंपनियों के लिए लक्षित ऋण सहायता हेतु आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी।
- योजना अधिक विमान ईंधन कीमतों, हवाई क्षेत्र बंद होने, कम अंतरराष्ट्रीय परिचालन, विमानों के कम उपयोग और पश्चिम एशिया से जुड़े व्यवधान का उत्तर है।
- 2,55,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण प्रवाह दायरे में 5,000 करोड़ रुपये विमानन कंपनियों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
- सदस्य ऋणदाता संस्थानों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए 100 प्रतिशत तथा गैर-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और विमानन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज है।
- विमानन कंपनियों के लिए प्रति उधारकर्ता ऋण सीमा 1,000 करोड़ रुपये है, और बराबर इक्विटी निवेश पर अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये संभव हैं।
- ऋण अवधि सात वर्ष तक हो सकती है, दो वर्ष की मोहलत मिलेगी, और ब्याज के 50 प्रतिशत तक को वित्तपोषित ब्याज सावधि ऋण में बदला जा सकता है।
- पात्र ऋण राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी के दिशा-निर्देश जारी होने की तारीख से 31 मार्च 2027 तक स्वीकृत होने चाहिए।
6-अक्ष वर्गीकरण
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आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 में पात्र अतिरिक्त ऋण सुविधाओं के तहत चूक की राशि की गारंटी कौन-सी संस्था देगी?
विज्ञप्ति के अनुसार पात्र अतिरिक्त ऋण सुविधाओं में चूक की राशि की भरपाई राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी करेगी। भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और नागर विमानन महानिदेशालय को इस योजना संरचना में गारंटी देने वाला नहीं बताया गया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को क्या मंजूर किया?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नकदी संकट से जूझ रहीं भारतीय विमानन कंपनियों को विशेष ऋण सहायता देने के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी।
विमानन कंपनियों के लिए विशेष रूप से कितनी ऋण सहायता निर्धारित की गई?
योजना के तहत 2,55,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण प्रवाह में से 5,000 करोड़ रुपये विमानन कंपनियों के लिए निर्धारित किए गए।
मंत्रालय ने विमानन क्षेत्र पर कौन से दबाव बताए?
मंत्रालय ने विमान ईंधन की ऊंची कीमतों, हवाई क्षेत्र बंद होने, कम अंतरराष्ट्रीय परिचालन, विमानों के कम उपयोग और पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख किया।
विमानन कंपनियों के लिए उधारकर्ता स्तर पर प्रमुख सीमाएं क्या हैं?
विमानन कंपनियां प्रति उधारकर्ता 1,000 करोड़ रुपये तक ले सकती हैं; उतने ही इक्विटी निवेश पर अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये जुड़ सकते हैं, और निर्धारित शर्तों पर सहायता 1,500 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
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