प्रकाशित: 12 दिसंबर 2025India TV Newsटॉपिक
जेमिनिड उल्का वर्षा 2025 भारत में चरम पर, प्रति घंटे 100-120 उल्काएँ
वर्ष की सबसे चमकीली खगोलीय घटनाओं में से एक जेमिनिड उल्का वर्षा 13-14 दिसंबर 2025 की रात भारत में अपने चरम पर रही। अंधेरे आसमान में प्रति घंटे 100-120 उल्काएँ दिखीं, सबसे अच्छा समय 14 दिसंबर सुबह 1 से 3 बजे था।
जेमिनिड्स क्षुद्रग्रह 3200 फेथॉन से आती हैं। इसी वजह से वे प्रमुख उल्का वर्षाओं में विशेष मानी जाती हैं, क्योंकि अधिकांश अन्य उल्का वर्षाएँ धूमकेतुओं से जुड़ी होती हैं। किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं थी, यह नग्न आँखों से दिखने वाली घटना थी।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जेमिनिड उल्का वर्षा परिघटना का वर्णन कीजिए एवं व्याख्या कीजिए कि इसकी क्षुद्रग्रह-उत्पत्ति इसे वार्षिक उल्का प्रदर्शनों में वैज्ञानिक दृष्टि से क्यों विशिष्ट बनाती है।
उत्तर (50 शब्द):
जेमिनिड उल्का वर्षा 13-14 दिसंबर 2025 की रात भारत में चरम पर पहुंची, जिसमें रात एक से तीन बजे के बीच प्रति घंटे एक सौ से एक सौ बीस उल्काएं देखी गईं। यह धूमकेतु के बजाय क्षुद्रग्रह 3200 फेथॉन से उत्पन्न होती है, इसलिए वैज्ञानिक दृष्टि से विशिष्ट है। शहरी प्रकाश से दूर इसकी चमकीली, बहुरंगी उल्काएं नंगी आंखों से दिखीं।
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जेमिनिड उल्कापात 2025 के चरम पर उल्काओं की दर प्रति घंटे कितनी थी?
व्याख्या · सही उत्तर Cजेमिनिड उल्कापात 13-14 दिसंबर 2025 की रात भारत में चरम पर था, और अंधेरे आसमान में प्रति घंटे 100-120 उल्काओं तक दिखाई दीं।