भारत ने 24 अप्रैल 2026 को 2031-2035 के लिए संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान प्रस्तुत किया
Aसीधा उत्तर
भारत ने 24 अप्रैल 2026 को 2031-2035 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान प्रस्तुत किया; भारत जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2026 में 23वें स्थान पर रहा और गैर-जीवाश्म स्रोतों से बिजली क्षमता का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया।
मुख्य तथ्य
भारत के पर्यावरण मंत्री ने बेलेम, ब्राजील में कॉप30 के दौरान घोषणा की थी कि भारत 2035 तक के लिए अपना संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान घोषित करेगा; यह 24 अप्रैल 2026 को दर्ज हुआ।
भारत उन 76 देशों में शामिल था जो संशोधित योगदान प्रस्तुत करने की शुरुआती समयसीमा से चूक गए थे।
कॉप30 के अंत तक वैश्विक उत्सर्जन में 74% हिस्सेदारी रखने वाले 119 देशों ने नई प्रतिबद्धताएं प्रस्तुत की थीं
भारत जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2026 में 13 स्थान गिरकर 23वें स्थान पर आया
भारत ने अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पांच साल पहले ही पूरा कर लिया
भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ब्राजील के बेलेम में कॉप30 में घोषणा की थी कि भारत 2035 तक के लिए अपना संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान घोषित करेगा; संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन अभिसमय रजिस्ट्री में भारत का 2031-2035 योगदान 24 अप्रैल 2026 को दर्ज है। भारत उन 76 देशों में शामिल है जो संशोधित योगदान प्रस्तुत करने की पहले की समय-सीमा (फरवरी और सितंबर) का पालन नहीं कर सके। कॉप30 के अंत तक, जिन 119 देशों की हिस्सेदारी वैश्विक उत्सर्जन में 74% है, उन्होंने नई राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं प्रस्तुत कीं।
भारत ने शिखर सम्मेलन को 'समानता और जलवायु न्याय को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर' बताया। हालांकि, भारत जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2026 में 13 स्थान गिरकर 23वें स्थान पर आ गया। सकारात्मक पक्ष यह रहा कि भारत ने पांच वर्ष पहले ही अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य हासिल कर लिए।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2023 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) को भारत द्वारा प्रस्तुत अद्यतन राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) की संक्षेप में विवेचना कीजिए। — UNFCCC को भारत के अद्यतन NDC को सीधे संबोधित करता है — COP30 पर भारत की घोषणा का मुख्य विषय।
RAS 2018 जलवायु परिवर्तन से संबंधित अंतरराष्ट्रीय पहलों पर भारत के रुख की विवेचना कीजिए। — अंतरराष्ट्रीय जलवायु पहलों पर भारत का रुख, COP30 पर उसके विलंबित 2035 NDC प्रस्तुतीकरण और समता स्थिति को ढाँचा प्रदान करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सीओपी30 में भारत की जलवायु कूटनीति का मूल्यांकन कीजिए, जबकि जलवायु प्रदर्शन सूचकांक 2026 में इसकी रैंकिंग गिरकर 23वें स्थान पर पहुंच गई, तथापि नवीकरणीय लक्ष्य पांच वर्ष पूर्व प्राप्त कर लिए।
उत्तर (50 शब्द):
बेलेम में आयोजित सीओपी30 में पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिसंबर 2025 तक भारत का संशोधित 2035 एनडीसी प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता जताई। इस तरह भारत उन छियत्तर देशों में शामिल हो गया जिनकी प्रस्तुति विलंबित है। भारत जलवायु प्रदर्शन सूचकांक 2026 में तेरह स्थान गिरकर तेईसवें स्थान पर पहुंचा, फिर भी नवीकरणीय लक्ष्य पांच वर्ष पूर्व प्राप्त किए।
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भारत दिसंबर तक 2035 के लिए अपडेटेड एनडीसी प्रस्तुत करेगा। कॉप 30 से पहले यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि:
व्याख्या · सही उत्तर A
भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ब्राजील के बेलेम में COP30 में घोषणा की कि भारत दिसंबर 2025 तक 2035 के लिए अपना संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) प्रस्तुत करेगा। भारत उन 76 देशों में श
बेलेम में कॉप30 पर भूपेंद्र यादव ने क्या घोषणा की?
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ब्राजील के बेलेम में कॉप30 में घोषणा की थी कि भारत 2035 तक के लिए अपना संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान घोषित करेगा; संयुक्त राष्ट्र रजिस्ट्री में भारत का 2031-2035 योगदान 24 अप्रैल 2026 को सक्रिय रूप से दर्ज है।
भारत ने योगदान की कौन सी पहले की समय-सीमाएँ चूकी थीं?
भारत उन 76 देशों में शामिल था जिन्होंने अपडेट किए गए राष्ट्रीय निर्धारित योगदान जमा करने की फरवरी और सितंबर की पहले की समय-सीमाएँ चूकी थीं।
कॉप30 के अंत तक कितने देशों ने नई प्रतिबद्धताएँ जमा की थीं?
कॉप30 के अंत तक वैश्विक उत्सर्जन के 74% का प्रतिनिधित्व करने वाले 119 देशों ने नई राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ जमा की थीं।
भारत के लिए जलवायु प्रदर्शन से जुड़े कौन से विरोधाभासी बिंदु दिए गए?
भारत जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2026 में 13 स्थान गिरकर 23वें स्थान पर रहा। सकारात्मक बात यह रही कि भारत ने अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य पाँच वर्ष पहले पूरे कर लिए।
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