नई दिल्ली में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता संपन्न
Aसीधा उत्तर
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न: 2 अरब लोगों वाला मुक्त व्यापार क्षेत्र; कारों पर आयात शुल्क 110% से घटकर 10%; भारतीय वस्त्रों को शुल्क-मुक्त प्रवेश।
मुख्य तथ्य
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता संपन्न किया। यह दोनों पक्षों का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है।
इस समझौते से 2 अरब लोगों और वैश्विक GDP के लगभग 25% हिस्से वाला मुक्त व्यापार क्षेत्र बनेगा।
भारत ने 5 वर्षों में कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% करने और हर साल यूरोपीय संघ की 2,50,000 गाड़ियों को कोटे के तहत बाज़ार में प्रवेश देने पर सहमति जताई।
यूरोपीय संघ ने भारत के वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते तथा रत्न और आभूषणों को अपने बाज़ार में तत्काल शुल्क-मुक्त प्रवेश दिया; व्यापारिक मूल्य के आधार पर भारत के 99% से अधिक निर्यात को बाज़ार तक पहुँच मिली।
भारत को सूचना प्रौद्योगिकी, कारोबार और शिक्षा सहित यूरोपीय संघ के 144 सेवा उप-क्षेत्रों तक पहुँच मिली; सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी तथा आवागमन एवं प्रवासन समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए।
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी की। यह दोनों पक्षों का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। इससे 2 अरब लोगों और वैश्विक GDP के लगभग 25% हिस्से वाला मुक्त व्यापार क्षेत्र बनेगा।
प्रमुख शर्तों के तहत भारत 5 वर्षों में कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा और हर साल यूरोपीय संघ की 2.5 लाख गाड़ियों को कोटे के तहत बाज़ार में प्रवेश देगा। यूरोपीय संघ ने भारत के वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते तथा रत्न और आभूषणों को अपने बाज़ार में तत्काल शुल्क-मुक्त प्रवेश दिया। व्यापारिक मूल्य के आधार पर भारत के 99% से अधिक निर्यात को बाज़ार तक पहुँच मिलेगी। प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों के 33 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निर्यात की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी और इसका बड़ा हिस्सा यूरोपीय संघ के बाज़ार में बिना शुल्क के प्रवेश करेगा। भारत को सूचना प्रौद्योगिकी, कारोबार और शिक्षा सहित यूरोपीय संघ के 144 सेवा उप-क्षेत्रों तक पहुँच मिली। सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी तथा आवागमन एवं प्रवासन समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2016 'भारत की नई विदेश व्यापार नीति 2015-20 का केंद्र-बिंदु विनिर्माण और सेवा निर्यात दोनों को समर्थन देना तथा इसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और भारत में व्यापार सुगमता के साथ संरेखित करना है।' इस कथन को समझाइए।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जनवरी 2026 के 16वें शिखर सम्मेलन में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के महत्व का मूल्यांकन कीजिए, विशेष रूप से कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% करने और भारतीय वस्त्रों को यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त प्रवेश देने के संदर्भ में।
उत्तर (50 शब्द):
27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हुआ, जिसमें 2 अरब लोग और वैश्विक GDP का 25% हिस्सा शामिल है। भारत 5 वर्षों में कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा; यूरोपीय संघ ने भारतीय वस्त्रों, चमड़े और आभूषणों को शुल्क-मुक्त प्रवेश दिया।
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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की शर्तों के तहत भारत प्रतिवर्ष यूरोपीय संघ के कितने वाहनों को कोटा के आधार पर प्रवेश देने पर सहमत हुआ?
व्याख्या · सही उत्तर A
लेख के अनुसार भारत ने पाँच वर्षों में कार शुल्कों को एक सौ दस प्रतिशत से दस प्रतिशत करने तथा प्रति वर्ष ढाई लाख ईयू वाहनों के लिए कोटा आधारित पहुँच पर सहमति जताई।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता क्या है और इसे दोनों पक्षों का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता क्यों माना जाता है?
**भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता**, **नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन** में संपन्न हुआ। यह दोनों पक्षों का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके अभूतपूर्व दायरे को रेखांकित किया: इससे व्यापारिक मूल्य के आधार पर भारत के **99% से अधिक निर्यात को बाज़ार तक पहुँच** मिलेगी, **33 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के श्रम-प्रधान निर्यात** की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी और सेवाओं, निवेश तथा डिजिटल व्यापार के बाज़ार खुलेंगे। **दो दशक चली वार्ता** 2007 में शुरू हुई, 2013 में रुक गई और 2022 में दोबारा शुरू हुई। इसके बाद संपन्न हुआ यह भारत का सबसे महत्वपूर्ण व्यापार समझौता है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में भारतीय निर्यात के लिए क्या प्रावधान हैं?
**भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते** से भारतीय वस्तुओं को **45 करोड़ उपभोक्ताओं और 17 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की GDP** वाले दुनिया के सबसे बड़े एकल बाज़ार में **99% पहुँच** मिलती है। इसके प्रमुख लाभार्थियों में **वस्त्र और परिधान** (मौजूदा 12% शुल्क समाप्त), **दवाएँ** (5-6% शुल्क समाप्त), **सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ** (मोड 3 और मोड 4 में उदारीकरण), **रत्न और आभूषण** (शुल्क में कटौती) तथा **रसायन** शामिल हैं। पेशेवरों की अस्थायी आवाजाही से जुड़ी यूरोपीय संघ की मोड 4 प्रतिबद्धता से भारत के सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं के निर्यात को लाभ मिलता है।
मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता में भारत ने यूरोपीय संघ को क्या रियायतें दीं?
**भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते** में भारत ने ये रियायतें दीं: (1) यूरोपीय संघ की कारों पर आयात शुल्क 5 वर्षों में 110% से घटाकर 10% करना, वाइन और स्पिरिट पर शुल्क घटाना तथा डेयरी उत्पादों में नियंत्रित उदारीकरण; (2) **बौद्धिक संपदा अधिकार** — दवाओं से जुड़े डेटा पर विशेष अधिकार और मज़बूत पेटेंट; (3) सरकारी खरीद के कुछ क्षेत्रों को यूरोपीय संघ की कंपनियों के लिए खोलना; और (4) **पर्यावरण मानकों, श्रम अधिकारों और भारतीय निर्यात के लिए कार्बन सीमा समायोजन तंत्र से जुड़ी सततता प्रतिबद्धताएँ**।
16वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन क्या था और इसमें कौन-से अन्य समझौते हुए?
**16वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन** **नई दिल्ली** में हुआ। इसमें **यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन** और प्रधानमंत्री मोदी ने भाग लिया। मुक्त व्यापार समझौते के साथ **भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी**, **भारत-यूरोपीय संघ ऊर्जा पहल** के तहत ऊर्जा सहयोग, समुद्र के नीचे बिछने वाले केबल गलियारे से **डिजिटल संपर्क**, **स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश के समझौते** तथा **कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों** पर सहयोग बढ़ा। इस शिखर सम्मेलन से **भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी** का नया अध्याय शुरू हुआ।
भारत-यूरोपीय संघ ऊर्जा साझेदारी क्या है और व्यापार समझौते में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के ऊर्जा निवेश अवसर का क्या अर्थ है?
**भारत-यूरोपीय संघ ऊर्जा साझेदारी** के तहत **अपतटीय पवन ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण** का मिलकर विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में यूरोपीय संघ की कंपनियों के लिए ऊर्जा क्षेत्र में **500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश अवसर** का उल्लेख किया। यह अवसर 2030 तक भारत की 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तैयार करने और हर साल 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन की महत्वाकांक्षा से जुड़ा है। यह व्यापार समझौता निवेशकों को कानूनी स्पष्टता देता है और व्यापक **भारत-यूरोपीय संघ निवेश संरक्षण समझौते** के तहत निवेश संरक्षण तथा विवाद निपटाने की व्यवस्था करता है।
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