भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में पोलैंड गणराज्य के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पोलैंड के आर्थिक विकास और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में उप-मंत्री माइकल बरानोवस्की ने किया। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। मंत्रालय के सचिव भारत खेरा ने आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात में इस क्षेत्र की अहम भूमिका बताई। भारत में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत उद्यम हैं। इनका सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में एक-तिहाई से अधिक और देश के निर्यात में लगभग आधा योगदान है। यह क्षेत्र करीब 33 करोड़ लोगों की आजीविका का साधन भी है। भारतीय पक्ष ने डिजिटल बदलाव, नवाचार, प्रौद्योगिकी अपनाने, टिकाऊ विनिर्माण और बेहतर बाजार पहुंच से उद्यमों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तथा भविष्य के लिए तैयार बनाने वाली पहलों की जानकारी दी। इनमें उद्यम पंजीकरण पोर्टल, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना, प्रौद्योगिकी केंद्र और शून्य दोष, शून्य प्रभाव पद्धतियां शामिल थीं। भारत खेरा ने कहा कि पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश भागीदार है तथा 2025 से द्विपक्षीय व्यापार 3 गुना बढ़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि हाल में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी। माइकल बरानोवस्की ने भारतीय उद्यम परितंत्र की प्रगति की सराहना करते हुए सहयोग बढ़ाने में पोलैंड की रुचि जताई। उन्होंने संस्थागत भागीदारी बढ़ाने और दोनों देशों के उद्यमों के बीच अधिक कारोबारी संबंध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम और पोलिश उद्यम विकास एजेंसी के बीच 2024 में शुरू हुई संस्थागत भागीदारी का भी उल्लेख हुआ। उद्यम विकास, डिजिटल बदलाव, प्रौद्योगिकी, नवाचार, बाजार संपर्क, व्यापार और निवेश को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र माना गया।
भारत और पोलैंड ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के बीच गहरे सहयोग पर चर्चा की
भारत और पोलैंड ने संस्थागत भागीदारी, प्रौद्योगिकी, नवाचार, बाजार संपर्क, व्यापार और निवेश के जरिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक में भारत के इस क्षेत्र के व्यापक आर्थिक योगदान और मध्य तथा पूर्वी यूरोप में पोलैंड की अहम साझेदार भूमिका पर भी जोर दिया गया।
मुख्य तथ्य
- भारत और पोलैंड ने अपने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम परितंत्रों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाशे।
- भारत में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत उद्यम हैं, जो करीब 33 करोड़ लोगों की आजीविका का साधन हैं।
- इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में एक-तिहाई से अधिक और निर्यात में लगभग आधा योगदान है।
- भारत ने पंजीकरण, ऋण गारंटी, प्रौद्योगिकी केंद्रों और शून्य दोष, शून्य प्रभाव पद्धतियों से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
- चर्चा में उद्यम विकास, डिजिटल बदलाव, प्रौद्योगिकी, नवाचार, बाजार संपर्क, व्यापार और निवेश शामिल रहे।
- बैठक में राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम और पोलिश उद्यम विकास एजेंसी के बीच 2024 में शुरू हुई संस्थागत भागीदारी का उल्लेख किया गया।
6-अक्ष वर्गीकरण
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भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत उद्यम हैं और इनका सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत योगदान है। 2. इस क्षेत्र का भारत के विनिर्माण उत्पादन में एक-तिहाई से कम योगदान है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है?
भारत में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम हैं और इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत योगदान है। विनिर्माण उत्पादन में इसका हिस्सा एक-तिहाई से अधिक है, कम नहीं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-पोलैंड उद्यम बैठक कहां हुई?
यह बैठक नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई।
पोलैंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पोलैंड के आर्थिक विकास और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में उप-मंत्री माइकल बरानोवस्की ने किया।
भारत के पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र का आकार कितना है?
भारत में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत उद्यम हैं, जो करीब 33 करोड़ लोगों की आजीविका का साधन हैं।
प्रतिनिधिमंडल को किन भारतीय पहलों की जानकारी दी गई?
उद्यम पंजीकरण पोर्टल, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना, प्रौद्योगिकी केंद्र तथा शून्य दोष, शून्य प्रभाव पद्धतियों की जानकारी दी गई।
बैठक में किस पुरानी संस्थागत भागीदारी का उल्लेख हुआ?
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम और पोलिश उद्यम विकास एजेंसी के बीच 2024 में शुरू हुई भागीदारी का उल्लेख हुआ।
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