वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 15 सितंबर 2025 को नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब के तहत 'AI फॉर विकसित भारत रोडमैप' और 'फ्रंटियर टेक रिपॉजिटरी' लॉन्च किए। मैकिन्से एंड कंपनी के साथ मिलकर तैयार इस रोडमैप में अनुमान लगाया गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता 2035 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 1 से 1.4 लाख करोड़ डॉलर जोड़ सकती है। भारत को सकल घरेलू उत्पाद में लगातार 8% से अधिक वृद्धि हासिल करने के लिए जितनी अतिरिक्त बढ़त चाहिए, कृत्रिम बुद्धिमत्ता उसका 30-35% हिस्सा दे सकती है।

क्षेत्रवार अनुमानों के अनुसार, बैंकिंग में धोखाधड़ी की पहचान और नियमों का पालन सुनिश्चित करने से 50-55 अरब डॉलर जुड़ सकते हैं। विनिर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वचालन से 85-100 अरब डॉलर जुड़ सकते हैं, जबकि दवा उद्योग में नई दवाओं की खोज की लागत 30% तक घट सकती है। इसके साथ फ्रंटियर 50 पहल के तहत 50 आकांक्षी जिलों/ब्लॉकों में फ्रंटियर तकनीक लागू करने और राज्यों के लिए नीति फ्रंटियर टेक इम्पैक्ट पुरस्कार देने की घोषणा की गई।