प्रकाशित: 16 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
GST क्षतिपूर्ति उपकर नियमित GST में विलीन; राज्यों को राजस्व हानि की चिंता
GST क्षतिपूर्ति उपकर को नियमित GST में विलीन कर दिया गया, जुलाई 2017 से चली आ रही क्षतिपूर्ति व्यवस्था समाप्त हुई। कई वस्तुओं और सेवाओं पर प्रभावी दरें कम होने से उपभोक्ताओं को ₹2 लाख करोड़ से अधिक कर लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, राज्यों ने राजस्व हानि और राजकोषीय स्वायत्तता के क्षरण पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि नुकसान का कोई उचित अनुमान नहीं लगाया गया। यह निर्णय केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंधों और सहकारी संघवाद पर चर्चा को पुनर्जीवित करता है। भारतीय नगर पालिकाएं राष्ट्रीय GDP का लगभग 66% उत्पन्न करती हैं लेकिन कर राजस्व का 1% से कम नियंत्रित करती हैं। मुंबई ने GST के बाद सालाना ₹7,000 करोड़ खोए।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयआर्थिकपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनों
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
किस GST परिषद बैठक ने GST 2.0 सुधारों का मार्ग प्रशस्त किया?
व्याख्या · सही उत्तर B3 सितंबर 2025 को 56वीं GST परिषद बैठक ने GST 2.0 का मार्ग प्रशस्त किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में GST मुआवजा उपकर में क्या बदलाव हुआ?
**GST मुआवजा उपकर को नियमित GST में मिला दिया गया**, जिससे **जुलाई 2017** में GST लागू होने के बाद से चली आ रही मुआवजा व्यवस्था समाप्त हो गई। इससे उपभोक्ताओं को विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर कम दरों से **₹2 लाख करोड़** से अधिक का कर लाभ मिलने की उम्मीद है।
GST मुआवजा उपकर मूल रूप से कब और क्यों लागू किया गया था?
**GST मुआवजा उपकर जुलाई 2017** में GST लागू होने के साथ शुरू किया गया था, ताकि नई एकीकृत कर प्रणाली में आने से राज्यों को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई की जा सके। अब इसे नियमित GST में मिला दिया गया है।
GST मुआवजा उपकर विलय से उपभोक्ताओं को कितना लाभ होगा?
**GST मुआवजा उपकर** के नियमित GST में विलय से विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर प्रभावी दरें कम होंगी, जिससे उपभोक्ताओं को **₹2 लाख करोड़** से अधिक का कर लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य GST मुआवजा उपकर विलय को लेकर चिंतित क्यों हैं?
राज्यों ने **राजस्व हानि और राजकोषीय स्वायत्तता के क्षरण** को लेकर चिंता जताई क्योंकि विलय से पहले नुकसान का उचित अनुमान नहीं लगाया गया। इस फैसले से **केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंधों** पर बहस फिर से शुरू हो गई।
GST मुआवजा उपकर का उद्देश्य क्या था?
**GST मुआवजा उपकर** कुछ वस्तुओं पर लगाया जाने वाला कर था, जिससे **जुलाई 2017 में GST लागू होने** के बाद राजस्व नुकसान झेलने वाले राज्यों के लिए **मुआवजा कोष** तैयार होता था। अब इसके नियमित GST में विलय से यह मुआवजा व्यवस्था समाप्त हो गई।