RAS प्रश्न
कथन: 'सभी शिक्षक शिक्षित हैं। सभी शिक्षित लोग करदाता हैं।' निष्कर्ष I: सभी शिक्षक करदाता हैं। निष्कर्ष II: कुछ करदाता शिक्षक हैं। कौन-सा/से निष्कर्ष निकलता/निकलते है/हैं?
सही उत्तर: (C) निष्कर्ष I और II दोनों निकलते हैं।
सभी शिक्षक शिक्षित हैं और सभी शिक्षित लोग करदाता हैं, इसलिए सभी शिक्षक करदाता हैं तथा कुछ करदाता शिक्षक भी हैं।
व्याख्या
निगमनात्मक तर्क में कथनों को सत्य मानकर निष्कर्ष निकाला जाता है। NCERT गणित में आधार-वाक्यों से निष्कर्ष निकालने की यही पद्धति समझाई जाती है। पहला कथन शिक्षकों को शिक्षित लोगों के समूह में रखता है और दूसरा कथन सभी शिक्षित लोगों को करदाताओं के समूह में रखता है। इसलिए संबंध की कड़ी सीधे बनती है: शिक्षक → शिक्षित → करदाता। इससे निष्कर्ष I, यानी सभी शिक्षक करदाता हैं, निश्चित रूप से निकलता है। चूंकि शिक्षक मौजूद माने गए हैं और वे करदाता समूह में आ जाते हैं, इसलिए करदाताओं में कुछ शिक्षक होंगे; अतः निष्कर्ष II भी निकलता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि निष्कर्ष I तो निकलता है, लेकिन शिक्षक मौजूद माने जाने पर करदाता समूह में कुछ शिक्षक होना भी अनिवार्य है, इसलिए निष्कर्ष II को छोड़ना ठीक नहीं है।
- (B) B गलत है, क्योंकि केवल निष्कर्ष II नहीं बल्कि संबंध की कड़ी शिक्षक → शिक्षित → करदाता से निष्कर्ष I भी निश्चित रूप से निकलता है।
- (D) D गलत है, क्योंकि दोनों कथनों को सत्य मानने पर शिक्षक करदाता समूह में आते हैं और इसी से I तथा II दोनों निष्कर्ष बनते हैं।
अवधारणा
कथन-निष्कर्ष प्रकार में सार्वत्रिक कथनों से निष्कर्ष निकालने की क्षमता जांची जाती है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि वे भाषा की सतह से आगे जाकर समूह-संबंध और निगमनात्मक तर्क की पकड़ परखते हैं।
