Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा ई-वाणिज्य के तीन चरणों में से एक नहीं माना जाता है?
Explanation
ई-वाणिज्य के विकास की मानक व्याख्या में इसके तीन चरण सामान्यतः व्यावसायीकरण, वैश्वीकरण और पुनराविष्कार माने जाते हैं। व्यावसायीकरण ऑनलाइन लेन-देन को व्यापारिक प्रक्रिया बनाने से जुड़ा है। वैश्वीकरण डिजिटल व्यापार को अलग-अलग बाजारों और देशों तक फैलाने की बात करता है। पुनराविष्कार इंटरनेट-आधारित व्यवस्थाओं से व्यापार मॉडल बदलने को दिखाता है। संरक्षण इस क्रम का मान्य चरण नहीं है, क्योंकि यह मौजूदा व्यवस्था को बचाए रखने का भाव देता है, जबकि ई-वाणिज्य बदलाव और विस्तार से जुड़ा है।
