भारत सरकार ने कृषि उत्पादन और बासमती चावल जैसी GI-टैग फसलों को खतरे में डालने वाली बड़े पैमाने की बीज धोखाधड़ी रोकने के लिए साथी (बीज प्रमाणीकरण, ट्रेसेबिलिटी और समग्र भंडार) डिजिटल ट्रेसेबिलिटी प्रणाली शुरू की। 2024-25 में परीक्षण किए गए 2.53 लाख बीज नमूनों में से 32,525 घटिया पाए गए। बीज अधिनियम, 1966 में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। भारत का बीज उद्योग वर्तमान में 630 करोड़ डॉलर का है और 2040 तक 2,000 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। राजस्थान उन राज्यों में शामिल है जहां महत्वपूर्ण बीज धोखाधड़ी के मामले सामने आए।
नकली बीजों से निपटने के लिए SATHI प्रणाली शुरू; बीज अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित
भारत सरकार ने कृषि उत्पादन और बासमती चावल जैसी GI-टैग फसलों को खतरे में डालने वाली बड़े पैमाने की बीज धोखाधड़ी रोकने के लिए साथी (बीज प्रमाणीकरण, पता लगाने की क्षमता और समग्र भंडार) डिजिटल ट्रेसेबिलिटी प्रणाली लॉन्च की। 2024-25 में परीक्षण किए गए 2.53 लाख बीज नमूनों में से 32,525 घटिया पाए गए। बीज अधिनियम, 1966 में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। भारत का बीज उद्योग वर्तमान में लगभग 6.3 अरब अमेरिकी डॉलर का है और 2040 तक 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। राजस्थान उन राज्यों में शामिल है जहां महत्वपूर्ण बीज धोखाधड़ी के मामले सामने आए।
मुख्य तथ्य
- सरकार ने नकली बीजों की समस्या से निपटने के लिए SATHI डिजिटल ट्रेसेबिलिटी प्रणाली लॉन्च की।
- SATHI का अर्थ बीज प्रमाणीकरण, ट्रेसेबिलिटी और समग्र इन्वेंट्री प्रबंधन है।
- 2024-25 में परीक्षण किए गए 2.53 लाख बीज नमूनों में से 32,525 घटिया पाए गए।
- यह प्रणाली बासमती चावल जैसी GI-टैग फसलों की सुरक्षा के लिए बनाई गई है।
- नियमों के पालन को और सख्त बनाने के लिए बीज अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित है।
- नकली बीज भारत भर में कृषि उत्पादन और किसानों की आजीविका को खतरे में डालते हैं।
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भारत सरकार द्वारा शुरू की गई बीज ट्रेसेबिलिटी प्रणाली में संक्षिप्ताक्षर SATHI का पूर्ण रूप क्या है?
SATHI का पूर्ण रूप Seed Traceability, Authentication and Holistic Inventory है। यह बीजों की ट्रेसेबिलिटी के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें QR/बार-कोड आधारित ट्रैकिंग से बीज लॉट की आपूर्ति शृंखला का पता चलता है और किसान, कंपनियां व नियामक बीज की प्रामाणिकता जांच सकते हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SATHI का पूरा नाम क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
SATHI का अर्थ है Seed Authentication, Traceability and Holistic Inventory। यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल ट्रेसेबिलिटी प्रणाली है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर हो रही बीज धोखाधड़ी से निपटना है। यह आपूर्ति श्रृंखला में बीजों की प्रमाणिकता और ट्रैकिंग सुनिश्चित करती है।
भारत में घटिया बीजों की समस्या कितनी व्यापक है?
2024-25 में परीक्षण किए गए 2.53 लाख बीज नमूनों में से 32,525 घटिया पाए गए। बीज धोखाधड़ी का यह स्तर कृषि उत्पादन और बासमती चावल जैसी GI-टैग वाली फसलों की गुणवत्ता को गंभीर खतरे में डालता है।
भारत में बीज नियमन को मजबूत करने के लिए कौन सा विधायी परिवर्तन प्रस्तावित है?
बीजों के लिए गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनिवार्य बनाने के लिए बीज अधिनियम, 1966 में संशोधन प्रस्तावित है। मौजूदा अधिनियम में अनिवार्य प्रमाणीकरण के प्रावधान नहीं हैं; यह संशोधन नकली बीजों की बिक्री रोकने के लिए इसी कमी को दूर करेगा।
भारत के बीज उद्योग का मौजूदा और अनुमानित आकार क्या है?
भारत का बीज उद्योग अभी 630 करोड़ डॉलर का है और 2040 तक इसके 2000 करोड़ डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। यह किसानों के कल्याण और इस क्षेत्र के विकास के लिए बीज गुणवत्ता विनियमन के महत्व को दर्शाता है।
RPSC परीक्षा की दृष्टि से बीज धोखाधड़ी और SATHI क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान उन राज्यों में है जहाँ बीज वितरण से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं। RPSC परीक्षार्थियों के लिए SATHI कृषि, शासन में प्रौद्योगिकी और किसान कल्याण से जुड़े विषयों में प्रासंगिक है — ये सामान्य अध्ययन पाठ्यक्रम के वे प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था शामिल है।
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