नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने कर्तव्य पथ पर 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भाग लिया। भैरव बटालियन सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक टुकड़ी है, जिसे पारंपरिक पैदल सेना और विशेष बलों, दोनों की क्षमताओं को जोड़ने वाली विशेष हमलावर पैदल सेना इकाई के रूप में तैयार किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद इस बटालियन का गठन हुआ; इसकी घोषणा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की थी। इस इकाई को तेज़ तैनाती, नज़दीकी लड़ाई और अलग-अलग भूभागों में अभियान चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है। परेड में भारतीय रक्षा बलों की पशु टुकड़ी के साथ बैक्ट्रियन ऊंट भी शामिल हुए।
भैरव लाइट कमांडो बटालियन गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल हुई
ऑपरेशन सिंदूर के बाद गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भाग लिया। यह पारंपरिक पैदल सेना और विशेष बलों, दोनों की क्षमताओं को जोड़ती है।
मुख्य तथ्य
- भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने कर्तव्य पथ पर 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार हिस्सा लिया।
- भैरव बटालियन सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक टुकड़ी है, जिसे पारंपरिक पैदल सेना और विशेष बलों, दोनों की क्षमताओं को जोड़ने वाली विशेष हमलावर पैदल सेना इकाई के रूप में तैयार किया गया है।
- ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद इस बटालियन का गठन हुआ और इसकी घोषणा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की थी।
- इस इकाई को तेज़ तैनाती, नज़दीकी लड़ाई और अलग-अलग भूभागों में अभियान चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
- सीमा सुरक्षा बल के बैक्ट्रियन ऊंटों ने भी पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण के रणनीतिक और तकनीकी महत्त्व का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए, विशेष रूप से भारत की मिसाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। — दोनों पारंपरिक और विशेष बलों के बीच सेतु बनाते हुए स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के भारत के प्रयासों की जांच करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: ऑपरेशन सिंदूर के बाद गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन का रणनीतिक महत्व क्या है?
उत्तर (50 शब्द):
77वीं गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल हुई भैरव बटालियन सिख लाइट इन्फैंट्री की टुकड़ी है। यह पारंपरिक पैदल सेना और विशेष बलों, दोनों की क्षमताओं को जोड़ती है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद गठित इस इकाई की घोषणा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की थी। यह इकाई अलग-अलग भूभागों में तेज़ तैनाती और नज़दीकी लड़ाई कर सकती है, जिससे असममित युद्ध में सामरिक कार्रवाई अधिक प्रभावी होती है।
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भैरव बटालियन किस इन्फेंट्री रेजिमेंट की विशिष्ट हमलावर इकाई है?
भैरव बटालियन सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट का एक दल है, जिसे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद गठित किया गया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भैरव लाइट कमांडो बटालियन क्या है और यह पहली बार कहाँ शामिल हुई?
**भैरव लाइट कमांडो बटालियन**, **सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट** की एक विशेष लाइट कमांडो इकाई है। यह **कर्तव्य पथ पर 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल हुई**।
भैरव लाइट कमांडो बटालियन किस रेजिमेंट से संबंधित है?
**भैरव लाइट कमांडो बटालियन**, **सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट** की एक टुकड़ी है।
भैरव लाइट कमांडो बटालियन किस प्रकार की इकाई है?
**भैरव लाइट कमांडो बटालियन** को **विशेष लाइट कमांडो इकाई** के रूप में तैयार किया गया है और विशेष तथा कठिन अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
भैरव बटालियन की गणतंत्र दिवस पर पहली उपस्थिति क्यों महत्वपूर्ण है?
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में **भैरव लाइट कमांडो बटालियन** पहली बार देश के सामने आई। इससे पता चला कि भारत ने सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में एक नई विशेष लाइट कमांडो इकाई गठित की है।
सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट किसलिए जानी जाती है?
**सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट** भारत की प्रतिष्ठित पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक है और इसका इतिहास गौरवशाली रहा है। **भैरव बटालियन** इसी रेजिमेंट में गठित एक विशेष लाइट कमांडो इकाई है।
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