जनवरी 2026 में भारत का बुनियादी ढाँचा उत्पादन सालाना आधार पर 4.0% बढ़ा। पिछली अवधि में यह वृद्धि 4.7% थी, इसलिए रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन यह लगातार तीसरी अवधि की बढ़ोतरी थी। निर्माण क्षेत्र की प्रमुख सामग्रियाँ इस वृद्धि में सबसे आगे रहीं: इस्पात उत्पादन 9.9% और सीमेंट उत्पादन 10.7% बढ़ा। इससे देशभर में निर्माण, आवास और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की बनी हुई रफ्तार का पता चलता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाएँ कम करने के लिए वास्तविक समय की चेतावनी प्रणाली की प्रायोगिक शुरुआत की। यह प्रणाली दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के ज़रिए स्थान के आधार पर चेतावनी भेजती है। सड़क सुरक्षा की यह पहल राजस्थान के लिए खास महत्व रखती है, क्योंकि यहाँ भारत के सबसे घने राष्ट्रीय राजमार्ग जालों में से एक है। केंद्रीय बजट 2026-27 के 1 फरवरी 2026 को पेश होने से पहले सरकार से बुनियादी ढाँचे के लिए ऊँचा पूंजीगत व्यय बनाए रखने की उम्मीद थी। पिछले बजट में इसके लिए ₹11.11 लाख करोड़ आवंटित किए गए थे। राजस्थान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) जैसी बड़ी परियोजनाएँ चल रही हैं, इसलिए लगातार बुनियादी ढाँचा खर्च से राज्य को काफी लाभ हो सकता है। बुनियादी ढाँचा उत्पादन के आँकड़े बताते हैं कि वैश्विक व्यापार की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत में निर्माण की रफ्तार मज़बूत बनी हुई है। इसे सड़क, रेलवे, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आवास, शहरी मेट्रो परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों पर सरकारी खर्च से सहारा मिला है।