भारतीय रेलवे ने IIT गुवाहाटी के सहयोग से दृष्टि AI विकसित किया है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित निगरानी प्रणाली है और माल वैगनों में दरवाजे के लॉकिंग तंत्र पर नजर रखती है। यह प्रणाली कंप्यूटर विजन और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम से लोडिंग, पारगमन और अनलोडिंग के दौरान वैगन दरवाजों की वास्तविक समय में निगरानी करती है।

दृष्टि प्रणाली माल ढुलाई की एक पुरानी चुनौती का समाधान करती है: वैगन दरवाजों से अनधिकृत छेड़छाड़, जिसके कारण चोरी, माल की हानि और सुरक्षा खतरे पैदा होते हैं। पारंपरिक मैनुअल निरीक्षण व्यवस्था में मानवीय भूल की गुंजाइश रहती थी और विशाल रेलवे नेटवर्क में हजारों वैगनों की निगरानी के लिए यह पर्याप्त नहीं थी।

AI प्रणाली रणनीतिक स्थानों पर लगे कैमरों का उपयोग करती है, जिनमें यार्ड, लोडिंग डॉक और जांच बिंदु शामिल हैं, ताकि वैगन दरवाजों की स्थिति को लगातार स्कैन किया जा सके। जब सिस्टम किसी विसंगति का पता लगाता है, जैसे दरवाजा ठीक से बंद न होना या छेड़छाड़ की घटना, तो यह तुरंत नियंत्रण कक्ष और संबंधित रेलवे कर्मचारियों को अलर्ट भेजता है।

कंप्यूटर विजन को IoT सेंसर से जोड़ने से यह प्रणाली 3 लाख से अधिक वैगनों के विशाल नेटवर्क में बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य बनती है। यह परियोजना राष्ट्रीय रेल योजना 2030 के माल परिवहन की हिस्सेदारी 45% तक बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप है। यह IIT गुवाहाटी और रेलवे के बीच उद्योग-अकादमिक सहयोग का उदाहरण भी है।