राजस्थान के बूंदी जिले में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघों की नियमित निगरानी के दौरान फिशिंग कैट पहली बार कैमरा ट्रैप से दर्ज हुई। इस प्रजाति का वैज्ञानिक नाम प्रियोनैलुरस विवेरिनस है। रिकॉर्ड रामगढ़ रेंज, बूंदी से मिला और यह रिजर्व की छोटी बिल्ली प्रजातियों की सूची में नया जुड़ाव है। फिशिंग कैट के साथ अब यहां पाँच छोटी बिल्ली प्रजातियाँ दर्ज हैं: जंगल कैट, रस्टी-स्पॉटेड कैट, एशियाटिक वाइल्डकैट, कराकल और फिशिंग कैट।

संरक्षण की दृष्टि से यह खबर इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि फिशिंग कैट अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की रेड लिस्ट में वल्नरेबल श्रेणी में है। यह प्रजाति सामान्यतः आर्द्रभूमि, नदी किनारे के आवास, मैंग्रोव, दलदल और जलस्रोतों के आसपास के घासस्थलों से जुड़ी रहती है। ऐसे में अर्ध-शुष्क राजस्थान के एक टाइगर रिजर्व में इसका रिकॉर्ड स्थानीय जल-आधारित सूक्ष्म आवासों और वैज्ञानिक निगरानी के महत्त्व को सामने लाता है।

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व को 2022 में टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया था। यह भारत का 52वां और राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व माना गया, रणथंभौर, सरिस्का और मुकुंदरा के बाद। इसे पढ़ते समय रामगढ़ विषधारी का स्थान, 2022 की अधिसूचना, भारत में 52वां और राजस्थान में चौथा क्रम, फिशिंग कैट का वल्नरेबल दर्जा और पाँच छोटी बिल्ली प्रजातियों की सूची साथ रखें। प्रारंभिक परीक्षा में स्थान, प्रजाति, संरक्षण दर्जा और छोटी बिल्ली प्रजातियों की संख्या पूछी जा सकती है, जबकि मुख्य परीक्षा में वन्यजीव गलियारे, आवास संरक्षण और नियमित वैज्ञानिक निगरानी की भूमिका पर छोटे नोट या विश्लेषणात्मक प्रश्न बन सकते हैं। स्टैटिक जीके में टाइगर रिजर्व, रेड लिस्ट श्रेणियाँ और राजस्थान के वन्यजीव आवासों से इसे जोड़कर पढ़ना उपयोगी रहेगा।