भारत ने जैव विविधता सम्मेलन (CBD) को अपनी 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट (NR7) प्रस्तुत की, जो दिसंबर 2022 में कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (GBF) अपनाए जाने के बाद पहला पूर्ण राष्ट्रीय मूल्यांकन है। इसमें जैव विविधता संरक्षण में भारत की प्रगति की समीक्षा की गई है और 2030 तक 30% भूमि और समुद्र की रक्षा के '30x30' लक्ष्य के लिए मानदंड तय किए गए हैं।

भारत का कुल वन और वृक्ष आच्छादन 8,27,356.95 वर्ग किमी, अर्थात भौगोलिक क्षेत्र का 25.17%, हो गया है। रिपोर्ट में प्रोजेक्ट टाइगर (अब 58 टाइगर रिजर्व वाला संरक्षण नेटवर्क), प्रोजेक्ट एलीफेंट और समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के विस्तार की उपलब्धियों का उल्लेख है। राजस्थान का डेजर्ट नेशनल पार्क और केवलादेव घना भी प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों में शामिल हैं।