प्रकाशित: 30 मार्च 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
राजस्थान से पहली अंतर-राज्यीय 'जम्पस्टार्ट' पहल के तहत गुजरात के कच्छ में एक दशक बाद ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का चूजा जन्मा
26 मार्च 2026 को गुजरात के कच्छ में एक दशक बाद पहली बार ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) के चूजे का जन्म हुआ — यह भारत की पहली अंतर-राज्यीय 'जम्पस्टार्ट' संरक्षण पहल से संभव हुआ। राजस्थान के संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम से एक उपजाऊ अंडे को हाथ में पकड़े जा सकने वाले पोर्टेबल इनक्यूबेटर में 770 किमी सड़क मार्ग से, बिना रुके 19 घंटे में सैम (जैसलमेर, राजस्थान) से नलिया (कच्छ, गुजरात) पहुंचाया गया।
इस पहल का समन्वय केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, राजस्थान और गुजरात के वन विभागों तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान ने किया। कच्छ की घासभूमि में केवल तीन जंगली मादा GIB बची होने के कारण प्राकृतिक प्रजनन संभव नहीं था। कच्छ में एक पालक जंगली मादा ने स्थानांतरित अंडे को सफलतापूर्वक सेया और चूजे को जन्म दिया।
GIB गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है, जंगल में लगभग 150 पक्षी ही बचे हैं। राजस्थान में जैसलमेर जिले में सैम और रामदेवरा में दो संरक्षण प्रजनन केंद्र हैं जिनमें कुल 73 पक्षी हैं। वर्तमान प्रजनन सत्र में पांच नए चूजे जुड़े। बिजली लाइन से टकराव, आवास का विनाश और मानवीय हस्तक्षेप प्रजाति के लिए मुख्य खतरे हैं।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की पहली अंतर-राज्यीय जम्पस्टार्ट पहल, जिसमें ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का उपजाऊ अंडा राजस्थान के सैम से गुजरात के कच्छ तक 770 किमी भेजा गया, के संरक्षण महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
26 मार्च 2026 को भारत की पहली अंतर-राज्यीय जम्पस्टार्ट पहल से कच्छ में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का चूजा निकला: उपजाऊ अंडा 19 घंटे में सैम (जैसलमेर) से नलिया तक 770 किमी भेजा गया। जंगल में केवल 150 जीआईबी शेष हैं; राजस्थान के दो प्रजनन केंद्रों में 73 पक्षी हैं। इससे गुजरात की आबादी को फिर से संभालने की राह मिली।
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मार्च 2026 की अंतर-राज्य जंपस्टार्ट पहल में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के निषेचित अंडे को किन दो स्थानों के बीच ले जाया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Bउपजाऊ जीआईबी अंडे को पोर्टेबल इनक्यूबेटर का उपयोग करते हुए राजस्थान के जैसलमेर स्थित सम से गुजरात के कच्छ स्थित नलिया तक 19 घंटे में 770 किलोमीटर ले जाया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की पहली अंतर-राज्यीय GIB 'जम्पस्टार्ट' पहल क्या थी और इसमें क्या हासिल हुआ?
भारत की पहली अंतर-राज्यीय GIB जम्पस्टार्ट पहल में राजस्थान के सैम स्थित प्रजनन केंद्र से गुजरात के कच्छ जिले के नलिया घास के मैदान तक 770 किमी दूर एक निषेचित अंडा कृत्रिम ऊष्मायन के लिए ले जाया गया। 26 मार्च 2026 को एक स्वस्थ चूजा निकला — जो एक दशक से अधिक समय बाद कच्छ में जन्मा पहला GIB चूजा था — और यह इस प्रजाति की पुनर्प्राप्ति में एक बड़ा मील का पत्थर बना।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की वर्तमान जनसंख्या स्थिति क्या है और यह गंभीर रूप से संकटग्रस्त क्यों है?
जंगल में केवल लगभग 150 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) बचे हैं, जो मुख्यतः राजस्थान के थार रेगिस्तान में हैं। IUCN की रेड लिस्ट में यह प्रजाति गंभीर रूप से संकटग्रस्त है। प्रमुख खतरों में कृषि विस्तार से आवास क्षति, बिजली लाइनों से टकराव (वयस्क मृत्यु का प्रमुख कारण), अवैध शिकार और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं से व्यवधान शामिल हैं।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) किस कानून के तहत संरक्षित है और उस संरक्षण में क्या शामिल है?
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित है, जो सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है। GIB का शिकार, फँसाना या नुकसान पहुँचाना तीन वर्ष तक की कैद के दंड के साथ संज्ञेय अपराध है। यह राजस्थान का राज्य पक्षी भी है, जिसे स्थानीय रूप से 'गोडावण' कहते हैं।
राजस्थान के दो GIB प्रजनन केंद्र कहाँ स्थित हैं और वहाँ कितने पक्षी हैं?
राजस्थान के दो GIB प्रजनन केंद्र जैसलमेर जिले के सैम और रामदेवरा (पोकरण) में स्थित हैं। 2026 तक दोनों केंद्रों में कुल 73 पक्षी हैं, जो इस गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति के लिए भारत के बंदी प्रजनन और संरक्षण कार्यक्रम का आधार हैं।
वन्यजीव संरक्षण में 'जम्पस्टार्ट' तकनीक क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
'जम्पस्टार्ट' तकनीक में जंगली या बंदी GIB से अंडे लेकर उन्हें कृत्रिम तरीके से सेया जाता है, ताकि प्राकृतिक ऊष्मायन अवधि पर निर्भरता कम हो और प्रजनन की सफलता दर बढ़ सके। इसका फायदा यह है कि बेहतर आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पक्षियों के अंडों को संरक्षित परिस्थितियों में पाला जा सकता है, शिकार से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है और उन दूरस्थ आवासों में संरक्षण प्रयासों का विस्तार किया जा सकता है जहाँ यह प्रजाति पहले रहती थी।