भारत सरकार ने 26 फरवरी 2026 को जैव विविधता सम्मेलन को अपनी 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के 2030 लक्ष्यों की दिशा में भारत की प्रगति का व्यापक आकलन किया गया है। इसमें 2022 में हुए पक्षकारों के 15वें सम्मेलन में अपनाए गए 23 वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप भारत के 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों पर प्रगति आंकी गई है।

रिपोर्ट में भारत की कई उपलब्धियां दर्ज हैं: देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 25.17% हिस्से पर वन और वृक्ष आवरण है तथा देश में 106 राष्ट्रीय उद्यान, 574 वन्यजीव अभयारण्य, 145 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र और 309 सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र हैं। रामसर आर्द्रभूमि स्थलों की संख्या 2014 के 26 से बढ़कर 2026 में 99 हो गई। रिपोर्ट के अनुसार आक्रामक विदेशी प्रजातियां, आवासों का विखंडन और कृषि क्षेत्रों व वनों के बीच के संपर्क क्षेत्र जैव विविधता के लिए खतरा हैं। राजस्थान में थार मरुस्थल शुष्क क्षेत्रों की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है। यह राजस्थान के राज्य पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का आवास है। यह पक्षी गंभीर रूप से संकटग्रस्त है और इसकी संख्या 150 से कम रह गई है। यह 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के 17वें सम्मेलन के लिए भारत की तैयारी को दर्शाती है।