भारत ने जैव विविधता सम्मेलन को 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी, 23 जैव विविधता लक्ष्यों पर प्रगति का आकलन
Aसीधा उत्तर
भारत ने 26 फरवरी 2026 को जैव विविधता सम्मेलन को 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 23 राष्ट्रीय लक्ष्यों पर प्रदर्शन का आकलन है। भारत में 99 रामसर स्थल, 25.17% वन आवरण और 106 राष्ट्रीय उद्यान हैं। यह रिपोर्ट CBD COP17 से पहले एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और राजस्थान के थार मरुस्थल में गंभीर रूप से संकटग्रस्त ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का उल्लेख करती है।
मुख्य तथ्य
भारत ने 26 फरवरी 2026 को जैव विविधता सम्मेलन को अपनी 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी।
यह रिपोर्ट कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के अनुरूप बनाए गए 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों पर भारत की प्रगति का आकलन करती है।
22 अप्रैल 2026 को शेखा झील पक्षी अभयारण्य को मान्यता मिलने के बाद भारत में रामसर आर्द्रभूमि स्थलों की संख्या 99 हो गई।
भारतीय वन सर्वेक्षण की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 25.17% हिस्से पर वन और वृक्ष आवरण है।
भारत में 106 राष्ट्रीय उद्यान और 573 से अधिक संरक्षित क्षेत्र हैं, जिनमें विविध पारिस्थितिकी तंत्र आते हैं।
यह रिपोर्ट जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के 17वें सम्मेलन से पहले एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और राजस्थान के थार मरुस्थल में गंभीर रूप से संकटग्रस्त ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण प्रयासों को रेखांकित करती है।
भारत सरकार ने 26 फरवरी 2026 को जैव विविधता सम्मेलन को अपनी 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के 2030 लक्ष्यों की दिशा में भारत की प्रगति का व्यापक आकलन किया गया है। इसमें 2022 में हुए पक्षकारों के 15वें सम्मेलन में अपनाए गए 23 वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप भारत के 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों पर प्रगति आंकी गई है।
रिपोर्ट में भारत की कई उपलब्धियां दर्ज हैं: देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 25.17% हिस्से पर वन और वृक्ष आवरण है तथा देश में 106 राष्ट्रीय उद्यान, 574 वन्यजीव अभयारण्य, 145 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र और 309 सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र हैं। रामसर आर्द्रभूमि स्थलों की संख्या 2014 के 26 से बढ़कर 2026 में 99 हो गई। रिपोर्ट के अनुसार आक्रामक विदेशी प्रजातियां, आवासों का विखंडन और कृषि क्षेत्रों व वनों के बीच के संपर्क क्षेत्र जैव विविधता के लिए खतरा हैं। राजस्थान में थार मरुस्थल शुष्क क्षेत्रों की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है। यह राजस्थान के राज्य पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का आवास है। यह पक्षी गंभीर रूप से संकटग्रस्त है और इसकी संख्या 150 से कम रह गई है। यह 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के 17वें सम्मेलन के लिए भारत की तैयारी को दर्शाती है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2023 राजस्थान के दक्षिणी अरावली क्षेत्र में पाई जाने वाली वन्य जीवन की प्रमुख संकटग्रस्त प्रजातियों के नाम बताइए। प्रदेश में वन्य जीवन के ह्रास के प्रमुख कारण क्या हैं? — राजस्थान की संकटग्रस्त प्रजातियों पर यह पीवाईक्यू थार में गंभीर संकटग्रस्त ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पर सातवीं सीबीडी रिपोर्ट के केंद्र बिंदु से मेल खाता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जैव विविधता सम्मेलन को भेजी भारत की सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट में मूल्यांकित कुनमिंग-मॉन्ट्रियल जैव विविधता ढाँचे के लक्ष्यों की दिशा में भारत की प्रगति का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने मार्च 2026 में जैव विविधता सम्मेलन को सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढाँचे के अनुरूप 23 राष्ट्रीय लक्ष्यों का मूल्यांकन किया गया। वन एवं वृक्ष आवरण 25.17%; 106 राष्ट्रीय उद्यान; रामसर स्थल 2014 के 26 से बढ़कर 2026 में 98 हुए। थार में 150 से कम ग्रेट इंडियन बस्टर्ड बचे हैं।
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जैव विविधता एवं संरक्षणविज्ञान एवं प्रौद्योगिकीप्राकृतिक वनस्पति, जैव विविधता एवं संरक्षणराजस्थान का भूगोल
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CBD को सौंपी गई भारत की 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के कितने जैव विविधता लक्ष्यों का आकलन करती है?
व्याख्या · सही उत्तर C
जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD) को सौंपी गई भारत की 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के सभी 23 लक्ष्यों पर हुई प्रगति का आकलन करती है।
जैव विविधता सम्मेलन को सौंपी गई भारत की 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट क्या है और इसे कब सौंपा गया?
भारत ने 26 फरवरी 2026 को जैव विविधता सम्मेलन को अपनी 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी। इसमें कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के अनुरूप बनाए गए 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों पर प्रगति का आकलन किया गया है। यह रिपोर्ट जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के 17वें सम्मेलन से पहले एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
भारत में कितने रामसर स्थल हैं और इसका क्या महत्व है?
भारत में 99 रामसर आर्द्रभूमि स्थल हैं, जो एशिया के किसी भी देश से अधिक हैं। रामसर सम्मेलन के तहत इन आर्द्रभूमियों को अंतरराष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिला है। एशिया में भारत का अग्रणी स्थान आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) क्या है और RPSC RAS परीक्षा के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) राजस्थान के थार मरुस्थल में पाया जाने वाला गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी है और दुनिया की सर्वाधिक संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों में से एक है। RAS परीक्षार्थियों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजस्थान इसका प्रमुख आवास है और राज्य में प्रोजेक्ट GIB जैसे संरक्षण प्रयास चल रहे हैं।
भारतीय वन सर्वेक्षण की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत में वन और वृक्ष आवरण कितने प्रतिशत है?
भारतीय वन सर्वेक्षण की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 25.17% हिस्से पर वन और वृक्ष आवरण है। भारत में 106 राष्ट्रीय उद्यान और 573 से अधिक संरक्षित क्षेत्र भी हैं, जिनमें विविध पारिस्थितिकी तंत्र आते हैं।
कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा क्या है और भारत की रिपोर्ट में क्या आंका गया है?
कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा 2022 में हुए जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के 15वें सम्मेलन में अपनाया गया वैश्विक समझौता है। इसमें 2030 तक जैव विविधता की हानि रोकने और स्थिति सुधारने के लिए 23 लक्ष्य तय किए गए हैं। भारत की 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट इसी ढांचे के अनुरूप 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों पर प्रगति का आकलन करती है।
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