मार्च 2026 में भारत सरकार ने जैव विविधता सम्मेलन (CBD) को अपनी 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (GBF) के 2030 लक्ष्यों की दिशा में भारत की प्रगति का व्यापक मूल्यांकन किया गया। यह रिपोर्ट GBF के 23 वैश्विक लक्ष्यों (COP15, 2022) के अनुरूप 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों के आधार पर तैयार की गई।

रिपोर्ट में भारत की उपलब्धियां रेखांकित की गई हैं: कुल वन और वृक्ष आवरण भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है; देश में 106 राष्ट्रीय उद्यान, 573 वन्यजीव अभयारण्य, 97 संरक्षण आरक्षित और 5 सामुदायिक आरक्षित हैं। रामसर आर्द्रभूमि स्थल 2014 में 26 से बढ़कर 2026 में 98 हो गए। रिपोर्ट में आक्रामक विदेशी प्रजातियों, आवास विखंडन और कृषि-वन क्षेत्रों की सीमा को जैव विविधता के लिए खतरे के रूप में स्वीकार किया गया। राजस्थान संदर्भ में, थार मरुस्थल एक महत्वपूर्ण शुष्क जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र है — राजस्थान के राज्य पक्षी, गंभीर रूप से संकटग्रस्त ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) का आवास, जिसके 150 से कम पक्षी शेष हैं।