केंद्र सरकार ने 16 फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है तथा देशभर में इनके निर्माण, बिक्री और वितरण को रोकने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह आदेश औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 26A के तहत जारी किया। एक वैज्ञानिक समीक्षा में पाया गया कि इन संयोजनों का कोई चिकित्सकीय औचित्य नहीं है और ये जनस्वास्थ्य के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकते हैं।
फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन दवा में दो या अधिक सक्रिय औषधीय तत्व एक ही खुराक रूप में संयोजित होते हैं। यह प्रतिबंध उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित भारतीय औषधि बाजार की समीक्षा के बाद लगाया गया। न्यायालय के आदेश पर औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (DTAB) ने संभावित हानिकारक संयोजनों को हटाने हेतु एक विशेषज्ञ समिति गठित की। नैदानिक आंकड़ों की समीक्षा के बाद समिति ने निष्कर्ष निकाला कि इन 16 संयोजनों से रोगियों को कोई वास्तविक चिकित्सकीय लाभ नहीं मिलता, जिसके फलस्वरूप इन पर तत्काल रोक लगाई गई।
प्रतिबंधित संयोजनों में एमोक्सिसिलिन के साथ सेराटियोपेप्टिडेज, सेफ्यूरोक्सिम के साथ सेराटियोपेप्टिडेज तथा सेफाड्रॉक्सिल के साथ प्रोबेनेसिड जैसे एंटीबायोटिक-एंजाइम संयोजन शामिल हैं, साथ ही पैरासिटामोल के साथ लिग्नोकेन और ग्लिक्लाजाइड के साथ क्रोमियम पिकोलिनेट जैसे संयोजन भी हैं। धारा 26A केंद्र सरकार को जनहित में किसी दवा के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का अधिकार देती है। यह निर्णय औषधि सुरक्षा निगरानी को सशक्त करता है।
