राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में परमाणु ऊर्जा से जुड़ी एक बड़ी अवसंरचना परियोजना की घोषणा की गई है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) यहां यूरेनियम खनन कार्यों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना से 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार बनने की उम्मीद है, जिनमें 80% पद स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं। इससे उत्तरी राजस्थान के इस लंबे समय से शुष्क और आर्थिक रूप से अविकसित क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा। यह घोषणा भारत की व्यापक परमाणु ऊर्जा विस्तार रणनीति के अनुरूप है, जिसमें आदिवासी बांसवाड़ा जिले में प्रस्तावित माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी शामिल है।

सीकर यूरेनियम परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आयातित यूरेनियम पर भारत की निर्भरता कम होगी और घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनेगी। भारत में राजस्थान, झारखंड, आंध्र प्रदेश और मेघालय जैसे राज्यों में मध्यम स्तर के घरेलू यूरेनियम भंडार केंद्रित हैं। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा और नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं के तहत भारत के 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।