प्रकाशित: 1 सितंबर 2025द हिन्दूराजस्थान
राजस्थान: सीकर जिले के लिए 3,000 करोड़ रुपये की यूरेनियम खनन परियोजना की घोषणा
राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में परमाणु ऊर्जा से जुड़ी एक बड़ी अवसंरचना परियोजना की घोषणा की गई है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) यहां यूरेनियम खनन कार्यों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना से 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार बनने की उम्मीद है, जिनमें 80% पद स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं। इससे उत्तरी राजस्थान के इस लंबे समय से शुष्क और आर्थिक रूप से अविकसित क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा। यह घोषणा भारत की व्यापक परमाणु ऊर्जा विस्तार रणनीति के अनुरूप है, जिसमें आदिवासी बांसवाड़ा जिले में प्रस्तावित माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी शामिल है।
सीकर यूरेनियम परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आयातित यूरेनियम पर भारत की निर्भरता कम होगी और घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनेगी। भारत में राजस्थान, झारखंड, आंध्र प्रदेश और मेघालय जैसे राज्यों में मध्यम स्तर के घरेलू यूरेनियम भंडार केंद्रित हैं। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा और नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं के तहत भारत के 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।
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सीकर जिले की किस तहसील में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यूरेनियम खनन के लिए ₹3,000 करोड़ निवेश करने की योजना बना रहा है?
व्याख्या · सही उत्तर DUCIL राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन कार्यों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है, जिससे 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है और 80% पद स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान के सीकर में यूरेनियम खनन परियोजना में कौन सी कंपनी निवेश कर रही है और निवेश कितना है?
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL), परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत एक केंद्रीय सरकारी उद्यम, राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन परियोजना में 3,000 करोड़ रुपये निवेश कर रही है।
सीकर यूरेनियम परियोजना से कितने रोजगार सृजित होंगे और कितने प्रतिशत पद स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं?
खंडेला, सीकर की यूरेनियम खनन परियोजना से 1,623 रोजगार सृजित होंगे, जिनमें से 80% पद क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित रहेंगे — जिससे सीकर जिले के समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।
भारत में यूरेनियम खनन का संचालन कौन सी एजेंसी करती है और यह किस मंत्रालय के अंतर्गत है?
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) भारत में यूरेनियम खनन के लिए जिम्मेदार एजेंसी है। यह परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के अंतर्गत कार्य करती है, जो सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन है। भारत की सभी परमाणु गतिविधियाँ परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 द्वारा शासित हैं।
भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार योजना के लिए राजस्थान क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान भारत के प्रमुख यूरेनियम-संपन्न राज्यों में से एक है, जहाँ सीकर जैसे जिलों में भंडार चिह्नित किए गए हैं। राज्य में रावतभाटा का राजस्थान परमाणु ऊर्जा केंद्र (RAPS) भी है। नई सीकर यूरेनियम परियोजना 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के तहत भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार रणनीति में मदद करती है और आयातित यूरेनियम पर निर्भरता घटाने में भी सहायक है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यूरेनियम खनन का रणनीतिक महत्व क्या है?
यूरेनियम परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का प्राथमिक ईंधन है। स्वदेशी यूरेनियम खनन भारत की आयात निर्भरता कम करता है, रणनीतिक ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाता है और तीन-चरणीय परमाणु योजना (प्राकृतिक यूरेनियम → थोरियम चक्र) के तहत परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को सहारा देता है। सीकर परियोजना ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करती है।