5 फरवरी 2026 को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगको क्षेत्र में एक अवैध रैट-होल कोयला खान में सुबह लगभग 10 बजे शक्तिशाली विस्फोट हुआ। प्रारंभ में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हुई और 7 फरवरी तक 27 शव बरामद हुए। विस्फोट के बाद भूमिगत आग लगने से कई मजदूर आसपास की खदानों में फंस गए।

रैट-होल खनन में पहाड़ियों में संकरी क्षैतिज सुरंगें (एक व्यक्ति के लिए पर्याप्त) खोदकर कोयला निकाला जाता है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने 2014 में गंभीर पर्यावरणीय और सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए मेघालय में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध लगाया था जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। प्रतिबंध के बावजूद अवैध उत्खनन जारी रहा।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने न्यायिक जांच के आदेश दिए और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा की। मेघालय उच्च न्यायालय ने पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को तलब किया। इस घटना ने पर्यावरण शासन, अवैध खनन और न्यायिक प्रतिबंधों की सीमाओं पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी।