जयपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल 2026 को नगरीय निकायों में सफाईकर्मियों की भर्ती में लंबी देरी पर सख्त रुख अपनाया। रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय ने इस बात पर नाराजगी जताने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी किया कि 309 नगर निकायों में 23,820 पदों पर पिछले 14 वर्षों से भर्ती पूरी नहीं हुई है। मामला उन हजारों अभ्यर्थियों से जुड़ा है जिनका दावा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन नियुक्तियां अब तक जारी नहीं की गईं।
380 से अधिक याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में याचिका दायर कर अन्य नगरीय निकायों के उम्मीदवारों की तरह नियुक्ति मांगी। याचिकाकर्ताओं में जयपुर नगर निगम, राजगढ़, राजाखेड़ा नगर पालिका, ब्यावर और कई अन्य क्षेत्रों के अभ्यर्थी शामिल हैं। उनकी याचिका में कहा गया कि जहां भी पद रिक्त हैं, वहां तुरंत नियुक्तियां की जाएं ताकि वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिल सके। न्यायालय ने सरकार से देरी के कारण बताने और यह स्पष्ट करने को कहा कि प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।
रिपोर्ट में अलवर के याचिकाकर्ताओं को आंशिक राहत का भी उल्लेख है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता के अनुसार, 30 दिसंबर 2025 को नियुक्ति आदेश जारी हुए थे, लेकिन नियुक्तियां नहीं मिलने पर उम्मीदवारों को याचिका दायर करनी पड़ी। बाद में 9 जनवरी 2026 को दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद न्यायालय ने अलवर के याचिकाकर्ताओं को फिलहाल याचिका वापस लेने की अनुमति दी और कहा कि नियुक्ति न मिलने पर वे फिर न्यायालय आ सकते हैं। जयपुर नगर निगम और अन्य चार निकायों से जुड़े मामलों में स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव, स्थानीय निकाय निदेशक और संबंधित आयुक्तों को नोटिस जारी किए गए। न्यायालय ने संकेत दिया कि लंबित भर्ती पर जवाबदेही तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे कड़े निर्देश जारी हो सकते हैं।
