प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केन्द्र में NITI आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक की थीम 'विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास' रखी गई, जो आयु, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से निरपेक्ष हर नागरिक के कल्याण और विकास पर केंद्रित थी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बैठक में राज्य का व्यापक विकास दृष्टिकोण, प्रमुख उपलब्धियाँ और भावी कार्ययोजना — 'विकसित राजस्थान-2047' का खाका — प्रस्तुत किया। उन्होंने निवेश, युवा सशक्तिकरण, कृषि रूपांतरण, महिला विकास और सुशासन के माध्यम से राजस्थान को एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनाने की रणनीति सामने रखी।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि राजस्थान ने निवेशक-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए 35 से अधिक नई नीतियाँ लागू की हैं। राज्य ने 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, तथा 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का भूमिपूजन पूरा हो चुका है। राज्य की वर्तमान GSDP विकास दर 10.24 प्रतिशत है और राजस्थान का लक्ष्य 2029 तक ₹29 लाख करोड़ (लगभग) की अर्थव्यवस्था बनना है।

9 MMTPA (दस लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष) की एक आधुनिक रिफाइनरी को राजस्थान के औद्योगिक रूपांतरण में मील का पत्थर बताया गया।

समावेशी मानव विकास ढाँचा चार स्तंभों पर आधारित है: (i) बुनियादी मानव पूंजी एवं भविष्योन्मुखी कौशल; (ii) उत्पादक रोजगार, उद्यमशीलता एवं विकेन्द्रीकृत विकास; (iii) स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण; और (iv) समानता एवं गरिमा।