प्रकाशित: 25 जनवरी 2026टॉपिक
NHAI और कोंकण रेलवे ने राजमार्ग और रेलवे के एकीकृत विकास के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) ने 21 जनवरी 2026 को देश भर में राजमार्गों और रेलवे के एकीकृत विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। MoU में भूमि, राइट ऑफ वे और मल्टी-मोडल परिवहन गलियारों के लिए डिज़ाइन विशेषज्ञता साझा करने की व्यवस्था शामिल है।
इस सहयोग का लक्ष्य सड़क और रेल नेटवर्क के बीच निर्बाध संपर्क बढ़ाना, साझा अवसंरचना से लागत घटाना और समय-सीमा को तेज करना है। प्राथमिकता गलियारों में पश्चिमी तट मार्ग (मुंबई-गोवा-मंगलौर) शामिल है। यह PM गति शक्ति योजना के अनुरूप है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एकीकृत राजमार्ग-रेलवे विकास के लिए NHAI-कोंकण रेलवे MoU क्या है?
**NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण)** और **कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन** ने **एकीकृत राजमार्ग-रेलवे विकास** के लिए **समझौता ज्ञापन (MoU)** पर हस्ताक्षर किए। यह MoU **कोंकण तटरेखा** (केरल-कर्नाटक-गोवा-महाराष्ट्र) पर संयुक्त सर्वेक्षण, साझा मार्ग-अधिकार, साझा उपयोगिता गलियारे और एकीकृत भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को संभव बनाता है।
कोंकण रेलवे क्या है और भारत के पश्चिमी तट के लिए इसका क्या महत्व है?
**कोंकण रेलवे** 1998 में शुरू हुई, इंजीनियरिंग की दृष्टि से भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल लाइनों में से एक है। यह पश्चिमी घाट और तटीय पट्टी के साथ **महाराष्ट्र (रोहा) से कर्नाटक (मंगलूरु) तक 760 km** की दूरी तय करती है। इसमें **2,000+ पुल और 92 सुरंगें** हैं। यह गोवा, तटीय महाराष्ट्र और कर्नाटक को जोड़ती है।
PM गतिशक्ति क्या है और NHAI-कोंकण रेलवे MoU इसके साथ कैसे जुड़ता है?
**PM गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान** बहु-मॉडल बुनियादी ढांचे की योजना और समन्वय के लिए **GIS मैपिंग और डेटा एकीकरण** का उपयोग करता है। **NHAI-कोंकण रेलवे MoU** PM गतिशक्ति के **बहु-मॉडल परिवहन एकीकरण** दृष्टिकोण का उदाहरण है। इसमें सड़क और रेल विकास का समन्वय करके दोहराव से बचने और माल तथा यात्रियों की सुगम आवाजाही पर जोर है।
भारत में तटीय राजमार्ग विकास में कौन सी चुनौतियां हैं?
भारत में तटीय राजमार्ग विकास के सामने कई चुनौतियां हैं: **भूमि अधिग्रहण**, पश्चिमी घाट के लिए **पर्यावरण मंजूरी**, **मछुआरा समुदाय विस्थापन**, **मैंग्रोव विनाश** और एजेंसियों के बीच **समन्वय विफलताएं**। **एकीकृत रेलवे-राजमार्ग विकास** से भूमि की जरूरत घटती है और पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम रहता है।
कोंकण तटरेखा के लिए व्यापक भारतीय बुनियादी ढांचा दृष्टिकोण क्या है?
**कोंकण तटरेखा** विकास में कई परियोजनाएं शामिल हैं: **NH-66** (पनवेल से कन्याकुमारी), **कोंकण रेलवे दोहरीकरण**, **सागरमाला परियोजना** (बंदरगाह-नेतृत्व विकास), **वधावन पोर्ट** (महाराष्ट्र), और **मंगलूरु-मुंबई औद्योगिक गलियारा**। NHAI-कोंकण रेलवे एकीकरण MoU **1,600 km पश्चिमी तटीय गलियारे** को विश्वस्तरीय बहु-मॉडल व्यापार क्षेत्र बनाने के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है।