प्रकाशित: 28 नवंबर 2025टॉपिक
IIT मद्रास ने विझिंजम बंदरगाह पर भारत की पहली स्वदेशी पोत यातायात प्रबंधन प्रणाली तैनात की
IIT मद्रास ने केरल के विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह पर भारत की पहली स्वदेशी पोत यातायात प्रबंधन प्रणाली (VTMS) तैनात की। यह प्रणाली समुद्री सुरक्षा और बंदरगाह सुरक्षा को बेहतर बनाती है तथा महत्वपूर्ण समुद्री अवसंरचना के लिए विदेशी प्रौद्योगिकी पर भारत की निर्भरता घटाती है।
VTMS रडार, AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम), कैमरों और संचार उपकरणों से बंदरगाह क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही की निगरानी और प्रबंधन करता है। यह स्वदेशी प्रणाली महंगे विदेशी VTMS विकल्पों की जगह लेने के लिए विकसित की गई है। विझिंजम भारत का पहला गहरे पानी का कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है। यह तैनाती आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत समुद्री प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IIT मद्रास की स्वदेशी पोत यातायात प्रबंधन प्रणाली का मुख्य घटनाक्रम क्या है?
IIT मद्रास के शोधकर्ताओं ने बंदरगाहों के लिए भारत की पहली स्वदेशी पोत यातायात प्रबंधन प्रणाली विकसित और तैनात की है।
यह प्रणाली जहाजों की निगरानी कैसे करती है?
यह प्रणाली रडार, एआईएस, कैमरों और संचार उपकरणों से बंदरगाह क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखती है।
विझिंजम बंदरगाह का महत्व क्या है?
विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह केरल में स्थित है और प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के निकट भारत का पहला गहरे पानी वाला कंटेनर ट्रांसशिपमेंट केंद्र है।
स्वदेशी प्रणाली से भारत को क्या लाभ है?
इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता घटती है और समुद्री प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
यह विषय RAS और UPSC परीक्षाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बंदरगाह अवसंरचना, स्वदेशी तकनीक, समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा समसामयिक उदाहरण है, जो RAS और UPSC के राष्ट्रीय खंड के लिए उपयोगी है।