केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 12-14 नवंबर 2025 को मसौदा बीज बिल 2025 को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया, जिस पर सुझाव देने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 है। यह बिल पुराने बीज अधिनियम, 1966 और बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 की जगह एक आधुनिक, किसान-केंद्रित और नवाचार-आधारित ढांचा लाने का प्रस्ताव करता है। मुख्य प्रावधानों में सभी बीज किस्मों का अनिवार्य पंजीकरण (पारंपरिक किसान किस्मों और केवल निर्यात के लिए बीजों को छोड़कर); अनुमोदन से पहले मूल्य-उपयोग परीक्षण (VCU); केंद्रीकृत बीज ट्रेसेबिलिटी पोर्टल से जुड़े QR कोड; मिलावटी बीज बिक्री पर श्रेणीबद्ध दंड; और किसानों के पारंपरिक बीज बचाने, उपयोग करने और आदान-प्रदान करने के अधिकार की सुरक्षा शामिल हैं। बिल ने बहस छेड़ दी है — उद्योग संगठनों ने इसका स्वागत किया जबकि किसान संगठनों ने इसे कॉर्पोरेट-पक्षधर बताया।
ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी — बीज अधिनियम 1966 को प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 12-14 नवंबर 2025 को बीज विधेयक 2025 का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया, जिस पर प्रतिक्रिया देने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 है। यह विधेयक पुराने बीज अधिनियम, 1966 और बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 की जगह एक आधुनिक, किसान-केंद्रित और नवाचार पर आधारित ढाँचा लाने का प्रस्ताव करता है। मुख्य प्रावधानों में ये शामिल हैं: सभी बीज किस्मों का अनिवार्य पंजीकरण (पारंपरिक किसान किस्मों और केवल निर्यात के लिए बीजों को छोड़कर); अनुमोदन से पहले मूल्य-उपयोग परीक्षण (VCU); केंद्रीकृत बीज ट्रेसेबिलिटी पोर्टल से जुड़े QR कोड; मिलावटी बीजों की बिक्री पर श्रेणीबद्ध दंड; और किसानों के पारंपरिक बीज बचाने, उपयोग करने और आदान-प्रदान करने के अधिकार की सुरक्षा। इस विधेयक पर बहस छिड़ गई है — उद्योग संगठनों ने इसका स्वागत किया, जबकि किसान संगठनों ने इसे कॉर्पोरेट-पक्षधर बताया।
मुख्य तथ्य
- मसौदा बीज विधेयक 2025 में पुराने बीज अधिनियम 1966 की जगह नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
- प्रमुख विशेषताओं में अनिवार्य पंजीकरण, VCU परीक्षण और बीज पैकेट पर QR कोड शामिल हैं।
- किसानों को पारंपरिक बीज बचाने, उनका उपयोग करने और उनका आदान-प्रदान करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
- केंद्रीकृत बीज ट्रेसेबिलिटी पोर्टल और मिलावटी बीजों पर श्रेणीबद्ध दंड प्रस्तावित हैं।
- उद्योग संगठनों ने बिल का स्वागत किया; किसान संगठनों ने इसे कॉर्पोरेट के पक्ष में बताया।
- सार्वजनिक परामर्श की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: ड्राफ्ट बीज विधेयक 2025 के प्रावधानों और किसान अधिकारों पर प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
यह विधेयक बीज अधिनियम 1966 के स्थान पर किस्मों का अनिवार्य पंजीकरण, खेती में उपयोगिता परीक्षण, केंद्रीकृत पोर्टल से क्यूआर-कोड आधारित पता लगाने की व्यवस्था और नकली बीज बिक्री पर दंड प्रस्तावित करता है। किसानों का पारंपरिक बीज संरक्षण अधिकार सुरक्षित रहेगा। उद्योग जगत उदारीकरण का स्वागत करता है, जबकि किसान संगठन कॉर्पोरेट वर्चस्व का विरोध करते हैं।
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सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी ड्राफ्ट सीड्स बिल, 2025 से कौन-सा कथन सही रूप से जुड़ा है?
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने ड्राफ्ट सीड्स बिल, 2025 को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया। यह केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य Seeds Act, 1966 और Seeds (Control) Order, 1983 को बदलते हुए बीजों की गुणवत्ता का नियमन करना और किसानों के हितों की रक्षा करना है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 क्या प्रस्तावित करता है और यह किन मौजूदा कानूनों को बदलना चाहता है?
नवंबर 2025 में सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025, पुराने बीज अधिनियम 1966 और बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 को बदलने का प्रस्ताव करता है। यह अनिवार्य किस्म पंजीकरण, VCU परीक्षण, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी और मिलावटी बीजों पर श्रेणीबद्ध दंड के साथ एक आधुनिक, किसान-केंद्रित ढाँचा लाता है।
ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 के तहत खेती के मूल्य और उपयोगिता का परीक्षण क्या है?
VCU परीक्षण ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 के तहत नई बीज किस्मों के व्यावसायिक पंजीकरण से पहले की अनिवार्य पूर्व-स्वीकृति प्रक्रिया है। इसमें इन किस्मों की कृषि संबंधी उपज क्षमता और उपयुक्तता का मूल्यांकन किया जाता है। इससे सुनिश्चित होता है कि केवल सिद्ध और उच्च-गुणवत्ता वाली किस्में ही किसानों तक पहुँचें।
क्या ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 के तहत किसानों को पारंपरिक बीज बचाने और उनका आदान-प्रदान करने का अधिकार है?
हाँ। ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 किसानों के पारंपरिक बीज बचाने, उपयोग करने, दोबारा बोने और उनका आदान-प्रदान करने के अधिकार को स्पष्ट रूप से संरक्षित करता है। अनिवार्य पंजीकरण केवल व्यावसायिक बीज किस्मों पर लागू होता है; पारंपरिक किसान किस्में और केवल निर्यात के लिए बीज इससे मुक्त हैं।
ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 में प्रस्तावित केंद्रीकृत बीज ट्रेसेबिलिटी पोर्टल क्या है?
केंद्रीकृत बीज ट्रेसेबिलिटी पोर्टल ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 के तहत प्रस्तावित एक डिजिटल ढाँचा है। इसमें बीज पैकेट पर QR कोड का उपयोग करके आपूर्ति श्रृंखला में बीज की आवाजाही पर नज़र रखी जाएगी। इससे नकली और मिलावटी बीजों को किसानों तक पहुँचने से रोका जा सकेगा।
किसान संगठनों की ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 पर क्या आलोचनाएँ हैं?
किसान संगठनों ने ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 को कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में बताया है। उनका तर्क है कि अनिवार्य पंजीकरण देशज और अनौपचारिक बीज प्रणालियों को कमजोर कर सकता है, व्यावसायिक बीज कंपनियों पर निर्भरता बढ़ा सकता है और किसानों की बीज संप्रभुता को नुकसान पहुँचा सकता है।
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