केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अप्रैल-मई 2026 में आयोजित होने वाली देशव्यापी क्षेत्रवार परामर्श श्रृंखला का पहला महत्वपूर्ण आयोजन है। जयपुर में हुई इस बैठक में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के कृषि मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने आगामी खरीफ सीजन के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। चौहान ने कहा कि सम्मेलन का एजेंडा तीन प्रमुख लक्ष्यों पर केंद्रित है — खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और देशवासियों को पोषक भोजन उपलब्ध कराना। उन्होंने छह सूत्रीय रणनीति की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की: कृषि उत्पादन में वृद्धि, इनपुट लागत में कमी, उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना। मुख्य जोर तिलहन और दलहन में आयात निर्भरता कम करने के लिए आत्मनिर्भरता के बड़े प्रयासों, एग्री स्टैक के तहत किसान आईडी के त्वरित क्रियान्वयन, प्राकृतिक खेती के विस्तार और कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार राज्य-विशिष्ट फसल रणनीतियों पर रहा। उत्तरी क्षेत्र का सम्मेलन 17 अप्रैल को लखनऊ में, पूर्वी क्षेत्र का 24 अप्रैल को भुवनेश्वर में, तथा हैदराबाद और गुवाहाटी के सम्मेलन मई के अंत तक आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस पहल को कृषि क्षेत्र में केंद्र-राज्य समन्वय का एक निर्णायक मोड़ बताया, क्योंकि जयपुर सम्मेलन में शामिल पश्चिमी राज्य भारत के दलहन, तिलहन और बागवानी उत्पादन में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं।
जयपुर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन ने भारतीय कृषि के लिए नया रोडमैप तय किया
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पांच पश्चिमी राज्यों के साथ पहला पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन शुरू किया। इसमें छह सूत्रीय रणनीति सामने रखी गई और तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता, किसान आईडी तथा प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किया।
- अप्रैल-मई 2026 के दौरान देशभर में क्षेत्रवार सम्मेलनों की श्रृंखला का यह पहला आयोजन था।
- पांच भागीदार राज्य: राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा।
- छह सूत्रीय रणनीति: उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना, उचित मूल्य, आपदा क्षतिपूर्ति, विविधीकरण, आधुनिक तकनीक।
- तिलहन और दलहन में आत्मनिर्भरता पर बड़ा जोर; किसान आईडी और प्राकृतिक खेती भी मुख्य फोकस में रहे।
- अगले सम्मेलन: लखनऊ (17 अप्रैल), भुवनेश्वर (24 अप्रैल), फिर मई के अंत तक हैदराबाद और गुवाहाटी।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पश्चिमी भारत में किसान कल्याण, दलहन-तिलहन आत्मनिर्भरता एवं किसान आईडी रोलआउट के लिए एकीकृत केंद्र-राज्य रोडमैप तैयार करने में जयपुर स्थित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किया — राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व गोवा के साथ राष्ट्रव्यापी परामर्श की पहली कड़ी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, किसान आय और पोषण के लिए छह-सूत्रीय रणनीति रखी; तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता व किसान आईडी को प्राथमिकता दी।
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7 अप्रैल 2026 को जयपुर में आयोजित पहले पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किसने किया?
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किया। अप्रैल-मई 2026 में होने वाली देशव्यापी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन श्रृंखला का यह पहला आयोजन था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 का पहला क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन कहां और कब आयोजित हुआ?
2026 का पहला पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में आयोजित हुआ, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।
जयपुर सम्मेलन में किन राज्यों ने भाग लिया?
पांच पश्चिमी राज्यों ने भाग लिया: राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा।
नए कृषि रोडमैप के तीन मुख्य लक्ष्य क्या हैं?
तीन लक्ष्य हैं — खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और नागरिकों को पोषक भोजन उपलब्ध कराना।
एग्री स्टैक के तहत किसान आईडी क्या है?
यह केंद्रीय एग्री स्टैक पहल के अंतर्गत व्यक्तिगत किसानों की डिजिटल पहचान है, ताकि ऋण, सब्सिडी, बीमा और सलाह किसानों तक लक्षित ढंग से पहुंच सके।
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