5–6 अक्टूबर 2025 की रात राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल, जयपुर के ट्रॉमा एवं ऑर्थोपेडिक संस्थान की न्यूरोसर्जरी ICU-1 में आग लगी, जिसमें वेंटीलेटर पर रखे गए कम-से-कम 8 गंभीर मरीजों की मौत हो गई। विद्युत शॉर्ट-सर्किट से लगी यह आग पेपर फाइलों, ICU उपकरणों एवं ब्लड-सैंपल स्टोरेज तक फैल गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया; राज्य ने 6 सदस्यीय जाँच समिति गठित की और सभी सरकारी अस्पतालों के लिए अनिवार्य अग्नि-सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए। इस घटना ने अस्पतालों में स्वचालित स्प्रिंकलर प्रणाली के अभाव, बंद आपातकालीन निकास और काम न कर रहे अग्निशामक यंत्रों जैसी पुरानी समस्याओं को सामने ला दिया।