मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने 6 मार्च 2026 को राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 अधिसूचित की। इसका उद्देश्य राज्य के औद्योगिक बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निजी और सार्वजनिक निवेश आकर्षित करना है। इस नीति में पूरे राज्य में औद्योगिक पार्कों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) और विनिर्माण समूहों के विकास के लिए व्यापक प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसके प्रमुख प्रावधानों में औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों को स्टांप शुल्क से छूट और भूमि रूपांतरण शुल्क में रियायत; सड़कों, जनोपयोगी सेवाओं और साझा सुविधाओं सहित बुनियादी ढाँचा तैयार करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी; लालफीताशाही घटाने के लिए अनुमोदनों की एकल-खिड़की व्यवस्था; इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, हरित ऊर्जा उपकरण और औषधि उद्योग को प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा; तथा राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (RIICO) के ज़रिए भूमि बैंक की व्यवस्था शामिल है। यह नीति 'राइजिंग राजस्थान' निवेश शिखर सम्मेलन के परिणामों और राजस्थान को 350 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। यह राजस्थान युवा नीति 2026 की भी पूरक है, क्योंकि इसमें राज्य में युवाओं की बड़ी आबादी के लिए रोज़गार सृजन की परिकल्पना की गई है। पाँच राज्यों से लगी सीमाएँ, पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा और नेपाल की ओर जाने वाला निकटवर्ती गलियारा राजस्थान को रणनीतिक बढ़त देते हैं। राज्य से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) भी औद्योगिक विकास के लिए स्वाभाविक लाभ देता है।
राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026: राज्य के औद्योगिक विकास के लिए प्रमुख प्रावधान, निवेश प्रोत्साहन और रणनीतिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने 6 मार्च 2026 को राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 अधिसूचित की। इसका उद्देश्य राज्य के औद्योगिक बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निजी और सार्वजनिक निवेश आकर्षित करना है। इस नीति में पूरे राज्य में औद्योगिक पार्कों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) और विनिर्माण समूहों के विकास के लिए व्यापक प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसके प्रमुख प्रावधानों में औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों को स्टांप शुल्क से छूट और भूमि रूपांतरण शुल्क में रियायत; सड़कों, जनोपयोगी सेवाओं और साझा सुविधाओं सहित बुनियादी ढाँचा तैयार करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी; लालफीताशाही घटाने के लिए अनुमोदनों की एकल-खिड़की व्यवस्था; इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, हरित ऊर्जा उपकरण और औषधि उद्योग को प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा; तथा राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (RIICO) के ज़रिए भूमि बैंक की व्यवस्था शामिल है। यह नीति 'राइजिंग राजस्थान' निवेश शिखर सम्मेलन के परिणामों और राजस्थान को 350 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। यह राजस्थान युवा नीति 2026 की भी पूरक है, क्योंकि इसमें राज्य में युवाओं की बड़ी आबादी के लिए रोज़गार सृजन की परिकल्पना की गई है। पाँच राज्यों से लगी सीमाएँ, पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा और नेपाल की ओर जाने वाला निकटवर्ती गलियारा राजस्थान को रणनीतिक बढ़त देते हैं। राज्य से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) भी औद्योगिक विकास के लिए स्वाभाविक लाभ देता है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 को राज्य सरकार ने 6 मार्च 2026 को अधिसूचित किया।
- नीति में औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों के लिए स्टांप शुल्क में छूट और पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।
- नीति में अनुमोदनों के लिए एकल-खिड़की व्यवस्था की गई है तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा विनिर्माण को प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा दिया गया है।
- राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (RIICO) के ज़रिए पूरे राज्य में औद्योगिक विकास के लिए भूमि बैंक उपलब्ध कराया जाता है।
- यह नीति 'राइजिंग राजस्थान' शिखर सम्मेलन के परिणामों और राज्य को 350 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है।
- राजस्थान से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) राज्य को औद्योगिक विकास में स्वाभाविक बढ़त देता है।
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राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 के तहत भूमि बैंक प्रावधान की ज़िम्मेदारी किस राज्य निगम की है?
लेख के अनुसार, नीति के अंतर्गत भूमि बैंक की व्यवस्था रीको, अर्थात राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम, के ज़रिए की जाती है। राज्य के औद्योगिक बुनियादी ढाँचे में यह निगम मुख्य भूमिका निभाता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 क्या है और इसे कब अधिसूचित किया गया?
राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 राज्य के औद्योगिक बुनियादी ढाँचे में निजी और सार्वजनिक निवेश आकर्षित करने के लिए औद्योगिक पार्कों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) और विनिर्माण समूहों के विकास को व्यापक प्रोत्साहन देती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने इसे 6 मार्च 2026 को अधिसूचित किया।
राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों को कौन-से वित्तीय प्रोत्साहन देती है?
नीति में औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों को स्टांप शुल्क से छूट, भूमि रूपांतरण शुल्क में रियायत और पूंजीगत सब्सिडी दी जाती है। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (RIICO) के ज़रिए पूरे राज्य में औद्योगिक विकास के लिए भूमि बैंक उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है।
राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 के तहत किन क्षेत्रों को प्राथमिकता का दर्जा दिया गया है?
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, रक्षा विनिर्माण, हरित ऊर्जा उपकरण और औषधि उद्योग को इस नीति के तहत प्राथमिकता क्षेत्र घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों का चयन आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है और इनमें निवेश करने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाते हैं।
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) राजस्थान के औद्योगिक विकास में कैसे सहायक है?
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) राजस्थान से गुजरता है। बंदरगाहों से निकटता, रेल संपर्क तथा दिल्ली और मुंबई के बाज़ारों तक पहुँच के कारण राज्य को औद्योगिक विकास में स्वाभाविक बढ़त मिलती है। राज्य के औद्योगिक पार्क ऐसे रणनीतिक स्थानों पर हैं जहाँ इस गलियारे का लाभ मिल सके।
राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 का 'राइजिंग राजस्थान' शिखर सम्मेलन और राज्य के आर्थिक लक्ष्यों से क्या संबंध है?
यह नीति 'राइजिंग राजस्थान' वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन में समझौता ज्ञापनों में दर्ज निवेश प्रतिबद्धताओं को ज़मीन पर औद्योगिक बुनियादी ढाँचे में बदलने के लिए बनाई गई है। यह राजस्थान को 350 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में मदद करती है और एकल-खिड़की व्यवस्था के ज़रिए परियोजनाओं की मंज़ूरी तेज़ करती है।
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