भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने अपने 175वें वर्ष में फील्ड सीजन 2025-26 के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्राकृतिक रूप से मिलने वाले हाइड्रोजन की सफल खोज की है। यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्राकृतिक हाइड्रोजन तैयार किए जाने वाले ग्रीन हाइड्रोजन की तुलना में कम प्रसंस्करण की जरूरत वाला स्वच्छ ऊर्जा स्रोत बन सकता है।

फील्ड सीजन के दौरान GSI ने 458 खनिज परियोजनाएं पूरी कीं, जिनमें महत्वपूर्ण खनिजों (230 परियोजनाएं) और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (92 परियोजनाएं) पर विशेष ध्यान रहा। सर्वेक्षण ने राजस्थान और ओडिशा में ड्रोन चुंबकीय सर्वेक्षणों के जरिए अपनी तकनीकी क्षमता भी बढ़ाई और राष्ट्रीय भूस्खलन पूर्वानुमान केंद्र को 21 जिलों तक विस्तारित किया। GSI ने खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए 80 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट सौंपीं, जिससे भारत की खनिज आत्मनिर्भरता और महत्वपूर्ण खनिजों पर आयात निर्भरता घटाने के प्रयासों में मदद मिलेगी।