केंद्रीय जल शक्ति मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली के पश्चिम खंड II, आर के पुरम में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण एनडीएसए के नए कार्यालय का उद्घाटन किया तथा देश में बांध सुरक्षा शासन के लिए कई डिजिटल पहलें शुरू कीं। मंत्री के साथ जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, जल संसाधन नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार विभाग के सचिव वी एल कांत राव, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष अनुपम प्रसाद और एनडीएसए अध्यक्ष अनिल जैन उपस्थित थे। चार प्रमुख पहलें शुरू की गईं। पहली, डिजिटल ब्रांड पहचान नियमावली 3.0 दिशानिर्देशों के अनुसार विकसित एनडीएसए वेबसाइट ndsa.gov.in का शुभारंभ किया गया, जिसमें जीआईएस आधारित विशिष्ट बांध अनुभाग है। यह भारत भर के विशिष्ट बांधों के स्थान और विशेषताओं को दिखाने वाला मानचित्र आधारित इंटरफेस देता है। दूसरी, NETRA प्लेटफ़ॉर्म यानी एआई का उपयोग कर ट्रैकिंग और समीक्षा के लिए एनडीएसए इंजन का अनावरण किया गया। यह भारतीय नौसेना के WESEE के सहयोग से एनडीएसए द्वारा विकसित एआई-सक्षम संवादात्मक प्लेटफ़ॉर्म है, जिससे बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के विनियमों और नीति दिशानिर्देशों से जुड़ी जानकारी तक त्वरित पहुंच मिल सके। तीसरी, DHARMA मोबाइल ऐप यानी बांध स्वास्थ्य और पुनर्वास निगरानी ऐप को एंड्रॉयड और आईओएस पर लॉन्च किया गया, ताकि बांधों की स्थिति के क्षेत्र स्तरीय निरीक्षण, निगरानी और रिपोर्टिंग में सुधार हो। इसे वास्तविक समय अलर्ट के लिए एनडीएमए साझा अलर्ट प्रोटोकॉल सचेत के साथ जोड़ा गया है। चौथी, विशिष्ट बांधों का राष्ट्रीय रजिस्टर 2026 जारी किया गया, जो बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत 6600 से अधिक बड़े बांधों को सूचीबद्ध करता है। एनडीएसए ने विशिष्ट बांध पुनर्वास और जोखिम आधारित निगरानी के लिए RRSSD और RBSD डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों का भी संचालन किया। ये शुभारंभ केंद्रीय, राज्य और जिला स्तरों पर वास्तविक समय, डेटा आधारित बांध सुरक्षा शासन को सुदृढ़ करते हैं।