राजस्थान विधानसभा ने 5 मार्च 2026 को जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया। यह राज्य में अनुपालन को सरल और तार्किक बनाने तथा व्यापार सुगमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विधेयक विभिन्न राज्य कानूनों के तहत मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करता है और कारावास की जगह मौद्रिक जुर्माने या शमन प्रावधानों की व्यवस्था करता है। यह केंद्रीय जन विश्वास (उपबंध संशोधन) अधिनियम, 2023 के आधार पर बना है, जिसने 42 केंद्रीय कानूनों को संशोधित किया था। राजस्थान का यह विधेयक इसी सिद्धांत को राज्य-स्तरीय विधानों पर लागू करता है। इस सुधार से अदालतों में लंबित मामले कम होने, MSME और व्यक्तियों पर अनुपालन बोझ घटने और व्यापार-अनुकूल माहौल बनने की उम्मीद है। यह DPIIT और वित्त मंत्रालय द्वारा आगे बढ़ाए जा रहे व्यापार कानूनों के अपराधमुक्तिकरण के राष्ट्रीय एजेंडे के अनुरूप है।