भारत सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुए वैश्विक व्यापार व्यवधान के बीच निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की माफी (RoDTEP) योजना को 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक छह महीने के लिए बढ़ा दिया। 2026-27 के लिए बजट आवंटन को प्रस्तावित 21,709 करोड़ रुपये से घटाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। RoDTEP एक WTO-अनुकूल निर्यात प्रोत्साहन योजना है, जिसे जनवरी 2021 में शुरू किया गया था। इसके तहत निर्यातकों को ICEGATE पोर्टल पर डिजिटल क्रेडिट (ई-स्क्रिप) मिलते हैं। ये हस्तांतरणीय होते हैं और इनका उपयोग बेसिक कस्टम ड्यूटी के भुगतान या अन्य आयातकों को हस्तांतरण के लिए किया जा सकता है। ई-स्क्रिप की वैधता अब दो वर्ष कर दी गई है। यह योजना उन करों और शुल्कों को शामिल करती है, जो किसी अन्य व्यवस्था से वापस नहीं मिलते, जैसे केंद्र और राज्य के कर, शुल्क और लेवी। वस्त्र, इंजीनियरिंग सामान, रसायन और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है।
वैश्विक व्यापार व्यवधान के बीच RoDTEP योजना सितंबर 2026 तक 6 महीने के लिए बढ़ाई गई
भारत ने RoDTEP निर्यात प्रोत्साहन योजना को सितंबर 2026 तक 6 महीने बढ़ाया, 10,000 करोड़ रुपये के संशोधित आवंटन के साथ।
मुख्य तथ्य
- RoDTEP योजना 6 महीने बढ़ाई: 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक
- बजट आवंटन 21,709 करोड़ से घटाकर 10,000 करोड़ रुपये किया गया
- RoDTEP WTO-अनुकूल है, जनवरी 2021 में MEIS की जगह शुरू हुई
- निर्यातकों को ICEGATE पोर्टल पर ई-स्क्रिप मिलते हैं, जिन्हें हस्तांतरित किया जा सकता है और मूल सीमा शुल्क के भुगतान में उपयोग किया जा सकता है
- ई-स्क्रिप की वैधता अब दो वर्ष कर दी गई
- पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक व्यापार में बाधा आने के कारण विस्तार किया गया
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 भारत में 'निर्यात तत्परता सूचकांक' (Export Preparedness Index) कौन-सा निकाय जारी करता है? इसका उद्देश्य क्या है? — दोनों भारत के निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता ढाँचे और निर्यातकों को सहायता हेतु सरकारी तंत्रों पर चर्चा करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आरओडीटीईपी योजना सितंबर 2026 तक क्यों बढ़ाई गई और यह निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को कैसे सहारा देती है?
उत्तर (50 शब्द):
पश्चिम एशिया संघर्ष और बढ़ते संरक्षणवाद के बीच आरओडीटीईपी को 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन सहित छह माह बढ़ाकर सितंबर 2026 तक किया गया। जनवरी 2021 से एमईआईएस की जगह लागू यह विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप योजना आईसीईगेट पर हस्तांतरणीय डिजिटल स्क्रिप के जरिए अंतर्निहित करों की प्रतिपूर्ति कर वस्त्र, इंजीनियरिंग, रसायन और हस्तशिल्प की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखती है।
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आरओडीटीईपी को 2021 में किस योजना के स्थान पर लागू किया गया था, जिसे डब्ल्यूटीओ मानदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया था?
RoDTEP ने जनवरी 2021 में मर्केंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) की जगह ली। MEIS को अमेरिका ने WTO विवाद निपटान निकाय में चुनौती दी थी और इसे WTO नियमों के विरुद्ध पाया गया क्योंकि यह एक प्रतिबंधित निर्यात सब्सिडी थी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RoDTEP क्या है?
निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की माफी — WTO-अनुकूल निर्यात प्रोत्साहन योजना जो जनवरी 2021 में MEIS की जगह लाई गई।
RoDTEP से निर्यातकों को कैसे फायदा होता है?
निर्यातकों को ICEGATE पोर्टल पर डिजिटल ई-स्क्रिप मिलते हैं, जिनका उपयोग बेसिक कस्टम ड्यूटी के भुगतान या अन्य आयातकों को हस्तांतरण के लिए किया जा सकता है।
अप्रैल 2026 में RoDTEP क्यों बढ़ाई गई?
पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक संरक्षणवाद से उत्पन्न व्यापार व्यवधान के कारण।
2026-27 में RoDTEP के लिए संशोधित बजट आवंटन क्या है?
10,000 करोड़ रुपये, प्रस्तावित 21,709 करोड़ से घटाया गया।
MEIS की जगह किसने ली और क्यों?
RoDTEP ने MEIS की जगह ली क्योंकि MEIS WTO नियमों के अनुकूल नहीं थी।
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