प्रकाशित: 26 नवंबर 2025Down to Earth/UNEPपर्यावरण
UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025: GHG की पूर्ण वृद्धि में भारत शीर्ष पर
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने COP30 से पहले अपनी वार्षिक उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025 जारी की, जिसमें बताया गया कि वैश्विक स्तर पर ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन में कुल बढ़ोतरी भारत में सबसे अधिक रही। रिपोर्ट अवधि में भारत ने 16.5 करोड़ टन (MT) GHG जोड़े, जो किसी भी अन्य देश से अधिक है।
हालांकि, रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण संदर्भ देती है: भारत की उत्सर्जन में 3.6% वृद्धि दर उसके तीव्र आर्थिक विकास और करोड़ों लोगों तक ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने को दर्शाती है। खास बात यह है कि भारत का प्रति व्यक्ति GHG उत्सर्जन सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है, जो वैश्विक औसत से काफी नीचे और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों से बहुत कम है।
वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट गंभीर चेतावनी देती है: दुनिया पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2.3 से 2.5°C ऊपर तापमान बढ़ने की दिशा में जा रही है, जो पेरिस समझौते के 1.5°C लक्ष्य से काफी अधिक है। मौजूदा राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं और नीतियां उत्सर्जन अंतर को पाटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
ब्राजील के बेलेम में नवंबर 2025 में होने वाले COP30 से पहले रिपोर्ट जारी होने से प्रमुख उत्सर्जकों और विकसित देशों पर NDC बढ़ाने और विकासशील देशों को अधिक जलवायु वित्त प्रदान करने का दबाव बढ़ता है। भारत ने 2070 तक नेट जीरो और 2030 तक 50% गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता की प्रतिबद्धता जताई है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट क्या है?
यह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की एक वार्षिक रिपोर्ट है, जो वर्तमान राष्ट्रीय GHG कटौती प्रतिबद्धताओं और पेरिस समझौते के 1.5°C या 2°C लक्ष्य के लिए आवश्यक कटौती के बीच अंतर को मापती है।
प्रति व्यक्ति उत्सर्जन कम होने के बावजूद भारत में कुल GHG वृद्धि सबसे अधिक क्यों है?
भारत की बड़ी जनसंख्या और तेज आर्थिक विकास के कारण प्रति व्यक्ति उत्सर्जन कम रहते हुए भी कुल वृद्धि अधिक है। औद्योगीकरण, ऊर्जा की पहुंच का विस्तार और बुनियादी ढांचे का विकास इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।
UNEP 2025 के अनुसार विश्व वर्तमान में तापमान-वृद्धि की किस राह पर है?
विश्व पूर्व-औद्योगिक स्तरों की तुलना में 2.3 से 2.5°C तापमान वृद्धि की दिशा में बढ़ रहा है, जो पेरिस समझौते के 1.5°C लक्ष्य से काफी अधिक है।
भारत की नेट जीरो प्रतिबद्धता क्या है?
भारत ने 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन और 2030 तक 50% गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता की प्रतिबद्धता जताई है।
जलवायु कार्रवाई के लिए COP30 का क्या महत्व है?
ब्राजील के बेलेम में नवंबर 2025 में होने वाला COP30 एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहाँ देशों से अधिक महत्वाकांक्षी NDC प्रस्तुत करने और उत्सर्जन अंतर को पाटने के लिए विकासशील देशों को अधिक जलवायु वित्त देने की प्रतिबद्धता की उम्मीद है।