पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने सितंबर 2025 में नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और इस पद पर पहुंचने वाली नेपाल की पहली महिला बनीं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने काठमांडू स्थित शीतल निवास में उन्हें शपथ दिलाई। यह नियुक्ति नेपाल में युवाओं के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलनों के बाद हुई, इसलिए इसे सिर्फ नेतृत्व में बदलाव नहीं, बल्कि शासन में भरोसा बहाल करने की कोशिश के रूप में भी देखा जाता है।

सुशीला कार्की का 32 वर्षों का न्यायिक करियर रहा है। वे 2016 से 2017 तक नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश भी रह चुकी हैं। इस पृष्ठभूमि के कारण उनकी अंतरिम भूमिका में न्यायिक स्वतंत्रता, ईमानदारी और तटस्थ प्रशासन जैसे विषय प्रमुख हो जाते हैं। 5 मार्च 2026 को नेपाल में सामान्य चुनाव निर्धारित हैं, इसलिए अंतरिम सरकार का मुख्य संदर्भ चुनावी माहौल, राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा है।

इस घटनाक्रम से नेपाल की संवैधानिक व्यवस्था, अंतरिम सरकार की चुनावी भूमिका, महिला नेतृत्व और भारत-नेपाल संबंधों को साथ पढ़ने का अवसर मिलता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में नेपाल भारत की पड़ोस नीति के संदर्भ में बार-बार महत्वपूर्ण रहता है। भारत के लिए नेपाल की राजनीतिक स्थिरता सीमा प्रबंधन, व्यापार, जलविद्युत सहयोग और क्षेत्रीय कूटनीति से जुड़ी है। स्टैटिक जीके में नेपाल की शासन-व्यवस्था, प्रधानमंत्री की भूमिका और भारत-नेपाल संबंधों को इस समसामयिकी से जोड़कर पढ़ना उपयोगी रहेगा।