CJI बी.आर. गवई एवं न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के विशिष्ट प्रावधानों पर पूरी तरह रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन कुछ चुनिंदा प्रावधानों पर रोक लगाई। धारा 3(r) — वक्फ बनाने से पहले 5 वर्ष तक इस्लाम के पालन की अनिवार्यता (सत्यापन तंत्र के अभाव में रोकी गई); धारा 3C — सम्पत्ति-विवाद को सरकारी राजस्व अधिकारियों को सौंपना (शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन होने से रोकी गई)। न्यायालय ने कहा कि ऐसे विवादों के लिए न्यायिक या अर्ध-न्यायिक निकाय आवश्यक है।