प्रकाशित: 25 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
2026 में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने वाला दूसरा राज्य: गुजरात
25–26 मार्च 2026 को गुजरात विधानसभा ने सात घंटे से अधिक की बहस के बाद 'गुजरात समान नागरिक संहिता, 2026' पारित की। इसके साथ गुजरात, 2024 में UCC लागू करने वाले उत्तराखंड के बाद यह कानून बनाने वाला भारत का दूसरा राज्य बन गया।
गुजरात UCC के प्रमुख प्रावधान: (1) धर्मनिरपेक्ष एकल कानूनी ढांचा — विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना और लिव-इन संबंध; (2) 60 दिनों के भीतर विवाह पंजीकरण अनिवार्य (उल्लंघन पर ₹10,000 तक जुर्माना); (3) लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण — उल्लंघन पर 3 महीने कारावास या ₹10,000 जुर्माना; (4) 18–21 वर्ष के लिव-इन साझेदारों के मामले में माता-पिता को सूचित करना अनिवार्य; (5) जबरन, धोखाधड़ी या दबाव से विवाह पर 7 वर्ष तक कारावास; (6) अनुसूचित जनजातियों और संवैधानिक रूप से संरक्षित रीति-रिवाजों वाले समूहों को छूट।
विधेयक ध्वनि मत से पारित हुआ। विपक्षी कांग्रेस और आप ने इसे 'लक्षित और विभाजनकारी' बताते हुए प्रवर समिति को भेजने की मांग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे 'ऐतिहासिक कदम' बताया।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 के प्रमुख प्रावधानों एवं संवैधानिक निहितार्थों का विश्लेषण करें।
उत्तर (50 शब्द):
25-26 मार्च 2026 को गुजरात विधानसभा ने 7 घंटे की बहस के बाद गुजरात समान नागरिक संहिता 2026 पारित किया; गुजरात उत्तराखंड (2024) के बाद दूसरा यूसीसी राज्य बना। विवाह 60 दिनों में अनिवार्य पंजीकरण; चूक पर ₹10,000 जुर्माना। लिव-इन का पंजीकरण न कराने पर 3 माह कारावास या ₹10,000। अनुसूचित जनजातियों को छूट।
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गुजरात यूसीसी 2026 के तहत ₹10,000 तक के जुर्माने से बचने के लिए विवाहों का अनिवार्य पंजीकरण कितने दिनों के भीतर कराना होगा?
व्याख्या · सही उत्तर Cगुजरात यूसीसी 2026 में विवाहों का पंजीकरण 60 दिनों के भीतर कराना अनिवार्य है; ऐसा न करने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित करने वाला भारत का दूसरा राज्य कौन सा है?
गुजरात 2026 में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने वाला दूसरा राज्य बना। इससे पहले उत्तराखंड 2024 में UCC लागू करने वाला पहला राज्य था।
समान नागरिक संहिता की अवधारणा किस संवैधानिक अनुच्छेद के अंतर्गत आती है?
समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित है, जो राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है। यह राज्य को पूरे देश में नागरिकों के लिए एकसमान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
गुजरात के UCC विधेयक 2026 के प्रमुख प्रावधान क्या हैं?
गुजरात के UCC विधेयक 2026 में विवाह के 60 दिनों के भीतर अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन संबंधों का पंजीकरण और अनुसूचित जनजातियों को छूट देते हुए सभी धार्मिक समुदायों पर लागू करने का प्रावधान है।
उत्तराखंड और गुजरात दोनों में अनुसूचित जनजातियों को UCC प्रावधानों से क्यों छूट दी गई है?
अनुसूचित जनजातियों को UCC प्रावधानों से इसलिए छूट दी गई है ताकि उनके विशिष्ट प्रथागत कानूनों, परंपराओं और जनजातीय प्रथाओं की रक्षा की जा सके। यह छूट पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत जनजातीय समुदायों को दिए गए संवैधानिक संरक्षणों को मान्यता देती है।
गुजरात ने UCC विधेयक 2026 कितने घंटे की बहस के बाद पारित किया?
गुजरात ने समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को 25–26 मार्च 2026 को 7 घंटे की विधायी बहस के बाद पारित किया।