कैबिनेट ने केरल राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने को मंजूरी दी
Aसीधा उत्तर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने को मंजूरी दी। राष्ट्रपति अब 'केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026' को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य विधानसभा को भेजेंगे।
मुख्य तथ्य
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने को मंजूरी दी, जो मलयालम की पारंपरिक वर्तनी है
राष्ट्रपति 'केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026' को केरल विधानसभा को भेजेंगे
यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत होती है
केरल विधानसभा ने पहले नाम परिवर्तन के लिए प्रस्ताव पारित किया था
केरल राज्य 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत 'केरल' नाम से गठित हुआ था
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे मलयालम भाषा में राज्य के पारंपरिक उच्चारण को आधिकारिक मान्यता मिलेगी। यह नाम परिवर्तन भाषाई पहचान के संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पृष्ठभूमि
मलयालम भाषा में राज्य को लंबे समय से 'केरलम' कहा जाता रहा है।
'केरल' नाम ब्रिटिश काल की अंग्रेजीकृत वर्तनी है, जिसे 1956 में राज्य पुनर्गठन के समय बनाए रखा गया था।
केरल विधानसभा ने सांस्कृतिक एवं भाषाई पहचान के संरक्षण का हवाला देते हुए नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया था।
मुख्य विवरण
कैबिनेट की मंजूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति *केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026* को केरल विधानसभा को भेजेंगे।
यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत होती है।
संसद द्वारा विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नाम आधिकारिक रूप से बदल जाएगा।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2018 राष्ट्रीय एकता को सदृढ़ करने हेतु राज्य पुनर्गठन आयोग द्वारा दिए गए सुझाव क्या थे? — यह पीवाईक्यू राज्य पुनर्गठन को संबोधित करता है, जिसे केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक 2026 अनुच्छेद 3 के तहत — उसी संवैधानिक परंपरा में — आह्वान करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 2026 में केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने की मंजूरी के संदर्भ में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य पुनर्नामकरण की संवैधानिक प्रक्रिया का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम 'केरलम' करने को मंजूरी दी — 1956 में राज्य गठन से प्रयुक्त मलयालम मूल नाम की पुनर्बहाली। केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा को विचार के लिए भेजा जाएगा, जो राज्य से परामर्श के बाद संसद को राज्य का नाम बदलने का अधिकार देता है।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल के लिए किस नाम परिवर्तन को मंजूरी दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य का आधिकारिक नाम केरल से केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस बदलाव से राज्य के नाम की पारंपरिक मलयालम वर्तनी और उच्चारण को फिर अपनाया जाएगा।
केरल को केरलम करने के लिए लेख में क्या पृष्ठभूमि बताई गई है?
राज्य की आधिकारिक भाषा मलयालम में केरल को लंबे समय से केरलम कहा जाता है। मौजूदा नाम केरल औपनिवेशिक काल में उभरी अंग्रेजीकृत वर्तनी है, जिसे 1956 में राज्य पुनर्गठन के दौरान राज्य के गठन के समय बनाए रखा गया था।
मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति और केरल राज्य विधान सभा की क्या भूमिका होगी?
मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 को विचार और मंजूरी के लिए केरल राज्य विधान सभा के पास भेजेंगे। राज्य विधान सभा की प्रतिक्रिया के बाद संसद विधेयक पारित करेगी और राष्ट्रपति अपनी अनुमति देंगे।
राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया किस संवैधानिक प्रावधान से संचालित होती है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत यह प्रक्रिया होती है और संसद को राज्य का नाम बदलने का अधिकार मिलता है। अनुच्छेद 3 के तहत किसी भी विधेयक को संबंधित राज्य विधानमंडल के पास भेजना होता है, ताकि वह निर्दिष्ट समय में अपने विचार व्यक्त कर सके।
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