केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे मलयालम भाषा में राज्य के पारंपरिक उच्चारण को आधिकारिक मान्यता मिलेगी। यह नाम परिवर्तन भाषाई पहचान के संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • मलयालम भाषा में राज्य को लंबे समय से 'केरलम' कहा जाता रहा है।
  • 'केरल' नाम ब्रिटिश काल की अंग्रेजीकृत वर्तनी है, जिसे 1956 में राज्य पुनर्गठन के समय बनाए रखा गया था।
  • केरल विधानसभा ने सांस्कृतिक एवं भाषाई पहचान के संरक्षण का हवाला देते हुए नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया था।

मुख्य विवरण

  • कैबिनेट की मंजूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति *केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026* को केरल विधानसभा को भेजेंगे।
  • यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत होती है।
  • संसद द्वारा विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नाम आधिकारिक रूप से बदल जाएगा।