प्रकाशित: 20 नवंबर 2025PIBपर्यावरण
COP30 बेलेम के निष्कर्ष: मुतिरांव समझौता, $300 अरब NCQG, जीवाश्म ईंधन से संक्रमण
COP30 बेलेम में "मुतिरांव समझौते" के साथ समाप्त हुआ। यह नाम ब्राजील में सामूहिक सामुदायिक कार्य की अवधारणा से लिया गया है। यह वैश्विक जलवायु शासन में एक महत्वपूर्ण, भले ही अधूरा, कदम है। COP30 के अंतिम परिणामों में जलवायु वित्त, शमन और महासागर-आधारित जलवायु कार्रवाई पर कई ऐतिहासिक निर्णय शामिल थे।
नया सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQG) औपचारिक रूप से 2035 तक $300 अरब प्रति वर्ष तय किया गया। सभी सार्वजनिक और निजी स्रोतों से वार्षिक $1.3 लाख करोड़ जुटाने का व्यापक लक्ष्य भी रखा गया। भारत ने LMDCs के ज़रिए NCQG के आंकड़े पर असंतोष जताया।
शमन के मामले में COP30 ने COP28 (दुबई) के UAE Consensus को आगे बढ़ाया और जीवाश्म ईंधन से दूर जाने वाली भाषा शामिल की। 17 राष्ट्रों ने "Blue NDC Challenge" पर हस्ताक्षर किए, यानी अपने NDCs में महासागर-आधारित जलवायु कार्रवाइयों को शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई।
अनुच्छेद 9.1 पर भारत की स्थिति, जिसमें विकसित देशों के लिए 3-वर्षीय कार्य कार्यक्रम की मांग की गई थी, मुतिरांव समझौते में आंशिक रूप से स्वीकार की गई, हालांकि इसमें बाध्यकारी समयसीमा नहीं दी गई।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: मुतिरांव समझौते के अंतर्गत सीओपी-30 बेलेम के प्रमुख परिणामों का विश्लेषण कीजिए तथा जलवायु वित्त पर नए सामूहिक परिमाणित लक्ष्य (एनसीक्यूजी) पर भारत की आपत्तियों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सीओपी-30 बेलेम ने मुतिरांव समझौता अपनाया, जिसमें नए सामूहिक परिमाणित लक्ष्य को 2035 तक 300 अरब डॉलर वार्षिक एवं 1.3 लाख करोड़ डॉलर जुटाने के व्यापक लक्ष्य पर अंतिम रूप दिया गया। 17 देशों में ब्लू एनडीसी चुनौती शुरू हुई, यूएई सहमति को आगे बढ़ाया गया। भारत ने एनसीक्यूजी के न्यूनतम स्तर को अपर्याप्त बताया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
COP30 बेलेम में अपनाया गया मुतिरांव समझौता क्या है?
मुतिरांव समझौता COP30 के अंतिम परिणामों का पैकेज है, जिसका नाम सामूहिक सामुदायिक कार्य की ब्राजीलियाई अवधारणा पर रखा गया है। इसके तहत NCQG को 2035 तक $300 अरब/वर्ष पर अंतिम रूप दिया गया, संसाधन जुटाने का व्यापक लक्ष्य $1.3 लाख करोड़ रखा गया, Blue NDC Challenge शुरू की गई और जीवाश्म ईंधन से बदलाव संबंधी भाषा शामिल की गई।
Blue NDC Challenge क्या है और COP30 में कितने राष्ट्रों ने इस पर हस्ताक्षर किए?
Blue NDC Challenge के तहत राष्ट्र अपने NDCs में महासागर-आधारित जलवायु कार्रवाइयों को शामिल करने की प्रतिबद्धता लेते हैं। बेलेम में हुए COP30 में 17 राष्ट्रों ने इस पर हस्ताक्षर किए।
COP30 NCQG पिछले जलवायु वित्त लक्ष्य से कैसे आगे जाता है?
पिछला जलवायु वित्त लक्ष्य $100 अरब/वर्ष था, जो कोपेनहेगन (2009) में निर्धारित किया गया था। COP30 में सहमत NCQG के तहत इसे 2035 तक $300 अरब/वर्ष तक बढ़ाया गया, साथ ही सभी सार्वजनिक और निजी स्रोतों से $1.3 लाख करोड़ जुटाने का व्यापक लक्ष्य रखा गया।
COP28 (दुबई) और COP30 बेलेम के बीच जीवाश्म ईंधन पर क्या संबंध है?
COP28 (दुबई, 2023) में जीवाश्म ईंधन से दूर जाने के लिए UAE Consensus अपनाया गया। COP30 बेलेम ने मुतिरांव समझौते में जीवाश्म ईंधन से बदलाव संबंधी भाषा शामिल करके इसी दिशा को आगे बढ़ाया।
भारत ने जलवायु वित्त पर COP30 के परिणाम पर असंतोष क्यों व्यक्त किया?
भारत ने LMDCs के ज़रिए तर्क दिया कि $300 अरब/वर्ष की NCQG सीमा ग्लोबल साउथ की वास्तविक जरूरतों के लिए अपर्याप्त है। भारत ने अनुच्छेद 9.1 के तहत बाध्यकारी 3-वर्षीय कार्य कार्यक्रम की मांग की — यह बात मुतिरांव समझौते में आंशिक रूप से आई, लेकिन बाध्यकारी समयसीमा के बिना।